एक गांव में 17 लोगों को डेंगू, जिले के अस्पतालों में लगी रहती है लाइन

एक गांव में 17 लोगों को डेंगू, जिले के अस्पतालों में लगी रहती है लाइनकरनपुर गाँव में 17 लोग हुए डेंगू के शिकार

नेहा सिंह/ देवांशु मणि तिवारी

रायबरेली। जिले के कुंदनगंज गाँव के रहने वाले उदित मिश्रा (48 वर्ष) की पत्नी सीता मिश्रा को तेज़ बुखार आने पर उन्होंने अपनी पत्नी को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया। जांच में पता चला कि उनकी पत्नी को डेंगू हो गया है। चार अक्टूबर को उन्हें लखनऊ के सहारा अस्पताल में भर्ती कराया गया पर इलाज शुरू होने से पहले ही उनकी मृत्यु हो गई।

कुंदनगंज गाँव के रहने वाले संग्राम सिंह बताते हैं, ''पूरी ग्रामसभा में 35 लोग डेंगू से ग्रस्त हैं, इसमें से करनपुर मजरे में अकेले 27 लोगों को डेंगू है। गाँव में डेंगू के प्रकोप से बचने के लिए लोगों ने शाम होते ही नीम की पत्तियां जलाना भी शुरू कर दिया है।''

बछरावां ब्लॉक के कुंदनगंज गाँव में 27 लोगों को डेंगू होने से पूरे गाँव में लोग सावधान हो गए हैं। मौसम से बदलाव के चलते जिला अस्पताल में मरीज़ों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हाल यह है कि डेंगू और तेज़ बुखार से पीड़ित मरीज़ों में लगातार इजाफा हो रहा है।

इस महीने जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए 2400 मरीज़ों की जांच में से 225 रोगियों को तेज़ बुखार और डेंगू की शिकायत मिली है। जिले में छुट्टी के दिन भी सभी 18 सीएचसी में मरीज़ देखे जा रहे हैं।
एमके श्रीवास्तव, सीएमएस (रायबरेली जिला अस्पताल)

हाल ही में बुखार से पीड़ित लोगों की संख्या में बढ़ोतरी के बारे में रायबरेली जिला अस्पताल के सीएमएस एमके श्रीवास्तव बताते हैं, ''जिले में तेज़ बुखार से पीड़ित लोगों के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों की संख्या ज़्यादा है। तेज़़ी से बढ़ रही मरीज़ों की संख्या के कारण जिला प्रशासन ने छुट्टी के दिन भी ओपीडी खुले रखने का आदेश दिया है।''

हाल ही में बछरावां क्षेत्र के विधायक रामलाल अकेला और पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ.सचान को डेंगू हो गया था, जिसके बाद उनका लखनऊ के सहारा अस्पताल में इलाज हुआ। विधायक जी तो सही सलामत घर वापस आ गए पर डॉ. सचान की इलाज के दौरान मृत्यु हो गई।

नेहा (कक्षा-12), सुभाष चंद्र बोस इंटर कॉलेज की छात्रा और कम्यूनिटी जर्नलिस्ट हैं।

This article has been made possible because of financial support from Independent and Public-Spirited Media Foundation (www.ipsmf.org).

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