अब हाथों में हंसिया की जगह ले रहा एंड्रॉयड फोन

अब हाथों में हंसिया की जगह ले रहा एंड्रॉयड फोनबहराइच के बिछिया वन ग्राम में एंड्रॉयड फोन चलाती हुई महिलाएं 

सुबोध प्रजापति- कम्यूनिटी जर्नलिस्ट

बहराइच। जिले में बिछिया वन ग्राम क्षेत्र में रहने वाली 90 प्रतिशत महिलाएं अशिक्षित हैं। आखिरी छोर पर बसे बिछिया इलाके में शिक्षा का विस्तार नहीं हो पाया है इसलिए यहां रहने वाली महिलाएं ज़्यादातर खेतीबाड़ी के काम करती हैं। लेकिन इसी क्षेत्र में महिलाओं का एक ऐसा भी संगठन है, जिनके हाथों में हंसिए की जगह एंड्रॉयड फोन है और वो उसके माध्यम से अपनी जीवनशैली को सुधारने में लगी रहती हैं।

बहराइच जिले से 120 किलोमीटर की दूरी पर कर्तानियाघाट के निकट बसा हुआ बिछिया वन ग्राम क्षेत्र जिले का अत्यंत ही पिछड़ा हुआ इलाका है। शहर से दूर होने के कारण इसका जिले से जुड़ाव न के बराबर है। इस क्षेत्र की महिलाओं को आधुनिकता से जोड़ने का बीड़ा उठा रही गैर सरकारी संस्था (देहात) की मदद से इस क्षेत्र की 25 महिलाओं को 7,000 मूल्य के एंड्रायड मोबाइल फोन निशुल्क दिए गए हैं ताकि इन महिलाओं को कुशल उद्यमी के रूप में विकसित किया जा सके।

हम महिलाएं को फोन के माध्यम से खेतीबाड़ी से जुड़ी जानकारियां मिलती हैं, जिन्हें हम अपने खेतों में प्रयोग करते हैं। इस फोन में हमें संस्था के माध्यम से कई सरकारी योजनाओं के बारे में भी पता चलता है।
भानूमति, (55वर्ष)- नई बस्ती

देहात समाज कार्य संगठन विगत 10 वर्षों से बिछिया क्षेत्र में काम कर रही है। संस्था ने अपने प्रयासों से लोगों में विश्वास की एक अलख जगाने का कार्य किया है। संस्था की शुरूआत वन ग्राम अधिकारों को लेकर हुई थी पर आज इस संस्था के अंर्तगत क्षेत्र में महिलाओं को उनके अधिकार, महिला शिक्षा, आजीविका जैसे गंभीर विषयों पर जागरूक किया जा रहा है।

दूधनाथपुरवा गाँव की रहने वाली मंजू (45वर्ष) अपने फोन के माध्यम से अपनी खेती में इस्तेमाल किए जाने वाले हर एक तरीकों का वीडियो बनाती हैं और उसे अपने गाँव वालों को भी दिखाती हैं। वहीं मंगलपुर गाँव की रहने वाली देवंती (50वर्ष) अपने फोन पर तरह-तरह की खेती से जुड़े वीडियो देखकर उसी तरह से आधुनिक खेती करती हैं और अपनी खेती में लागत भी बचा लेती हैं।

देहात संस्था के प्रयासों से क्षेत्र की महिलाओं व किशोरियों को ज़्यादा से ज़्यादा समाजिक कार्यों से जोड़ा जा रहा है और इसी वजह से बिछिया क्षेत्र की कुछ महिलाओं को राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं।

महिलाओं को फोन उप्लब्ध कराकर हमने ना केवल उन्हें आधुनिक जगत से जोड़ा है, बल्कि फोन के माध्यम से हमने उनके अंदर छिपे संकोच को खत्म किया है, जो महिलाएं पहले अपने घर की चाहरदीवारी से बाहर नहीं निकल पाती थी, अब वो बिना किसी संकोच हमसे बात करती हैं और अपने अनुभव साझा करती हैं।
जितेंद्र चतुर्वेदी, देहात संस्था के प्रमुख

वो आगे बताते हैं कि इसी कार्यक्रम के अंतर्गत आने वाले समय में हम यहां की महिलाओं को निशुल्क टेबलेट वितरित करेंगे, जिसमें महिलाएं सौर ऊर्जा के कुछ प्रोडेक्ट बेच कर अपनी आजीविका कमा सकेंगी।

संस्था- (देहात- डेवलपमेंटल एसोसिएशन फॉर ह्यूमन एडवांस्मेंट)

This article has been made possible because of financial support from Independent and Public-Spirited Media Foundation (www.ipsmf.org).

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