जान जोखिम में डाल कर सड़क पार करते हैं स्कूली बच्चे

जान जोखिम में डाल कर सड़क पार करते हैं स्कूली बच्चेबाराबंकी में जान जोखिम में डाल कर सड़क पार करते बच्चे

अरुण मिश्रा- कम्यूनिटी जर्नलिस्ट

विशुनपुर (बाराबंकी)। इसरौली में बीते 17 जुलाई को स्कूली छात्रा की हुई दर्दनाक मौत के बाद से देवा कस्बे के सैकड़ों छात्रों की सुरक्षा पर भी प्रश्नचिन्ह लग गया है। विद्यालयों की वर्षों से देवा कस्बे में भयारा मोड़ पर स्पीड ब्रेकर बनाये जाने की मांग अनसुनी किये जाने से हजारों छात्रों को हर समय तेज रफ्तार वाहनों से दुर्घटना का भय बना रहता है।

देवा कस्बे में बाराबंकी फतेहपुर मार्ग का भयारा मोड़ दुर्घटना के लिहाज से काफी संवेदनशील है। इस मोड़ से तीन इंटर कॉलेजों सहित करीब आधा दर्जन विद्यालयों के हजारों छात्र मुड़कर विद्यालयों को जाते हैं। सीधी रोड होने के कारण यहां पर वाहनों की रफ़्तार काफी तेज होती है। सुबह स्कूल आने और छुट्टी के समय इस मार्ग पर छात्रों की काफी भीड़ रहती है। जिससे इन छात्रों को हर समय तेज रफ़्तार वाहनों का भय बना रहता है। अब तक कई बच्चे इन तेज रफ़्तार वाहनों की चपेट में आकर घायल भी हो चुके हैं। विद्यालय छात्रों की सुरक्षा के लिए वर्षों से इस मार्ग पर स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग कर रहे हैं लेकिन अभी तक उनकी मांग पूरी नही हो सकी है।

प्रतिभा इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य गुरुमिलन सिंह बताते हैं, "मोड़ से मुड़ते समय छात्र हमेशा भयभीत रहते है। कभी-कभी तेज रफ़्तार वाहनों की चपेट में आने से छात्र चोटिल भी हो जाते हैं।"

विशुनपुर कस्बे में भी लगभग दो इंटर कालेज सहित दर्जनों विद्यालय चल रहे हैं जिनमें हजारों की संख्या में छात्र पढ़ने आते हैं। स्पीड ब्रेकर न होने की वजह से कई बार छात्र दुर्घटना के शिकार हो चुके है। सबसे बड़ा खतरा जय हिन्द इंटर कालेज के मोड़ के पास है जहां आये दिन दुर्घटनायें हुआ करती हैं। जय हिन्द इंटर कालेज के प्रधानाचार्य देशराज वर्मा बताते है, "कई बार सम्बंधित बिभाग से स्पीड ब्रेकर बनाये जाने की मांग की है, लेकिन इस पर कोई सुनवाई नहीं हुई।

अभी तक उच्चतम न्यायालय ने स्पीड ब्रेकर बनाने पर रोक लगा रखी थी, लेकिन अब कोर्ट ने आदेश दिया है कि जहां विद्यालय हैं वहां पर एक स्पीड ब्रेकर बनाया जा सकता है। इसलिये जहां विद्यालय हैं वहां जल्द ही स्पीड ब्रेकर बनवा दिया जायेगा।
साजिद उस्मानी, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग, बाराबंकी

स्पीड ब्रेकर न होने के कारण ही दो साल पहले दो नागरिकों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। होरीलाल बाल विद्या मंदिर के प्रबंधक प्रताप जायसवाल ने बताया, "कस्बे में स्पीड ब्रेकर न होने से छात्रों पर हमेशा खतरा बना रहता है। ब्रेकर न होने के कारण वाहन पूरी रफ्तार में क़स्बा पार करते हैं जिससे दुर्घटनायें अधिक होती है। हमारे विद्यालय से दो अध्यापक छात्रों को सड़क पार कराने के लिए जाते हैं।"

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