बाराबंकी में दिन में बंदरों और रात में मच्छरों का आतंक

बाराबंकी में दिन में बंदरों और रात में मच्छरों का आतंकबंदरों के आतंक से बाराबंकीवासी त्रस्त।

ए. रहमान (कम्यूनिटी रिपोर्टर), उम्र- 30

बाराबंकी। उत्तर प्रदेश में लोग मच्छरों के साथ-साथ बंदरों से भी काफी डरे हुए हैं। दिन में लोग बंदरों से डरते हैँ और रात में मच्छरों से, क्योंकि मच्छरों से डेंगू का खतरा बढ़ रहा है और बंदर असमय हमला कर रहे हैँ। रायबरेली जिले में छत पर सो रहा एक बच्चा बंदर के डर से दो मंजिला घर से नीचे कूद पड़ा। उसका लखनऊ के ट्रामा सेंटर में इलाज चल रहा है। वहीं दूसरी तरफ बाराबंकी जिले में बंदर ने छात्रा को बहुत बुरी तरह से काट कर घायल कर दिया है।

बाराबंकी जिले के बेलहरा कस्बे में जय हिन्द मांटेसरी स्कूल की छात्रा निशा फातिमा (12 वर्ष) पुत्री नूर आलम को स्कूल में एक बन्दर ने काट लिया। बंदरों के बढ़ते आतंक से बच्चे स्कूल आने में डरने लगे हैं। जय हिन्द के एक अध्यापक ए. रहमान बताते हैँ, "सभी बच्चे स्कूल में बने कमरे में पढ़ाई कर रहे थे इतने में एक बन्दर कहीं से आ गया उसको देख सभी बच्चे डर गए। उस बन्दर ने एक बच्ची को काट लिया। जिससे सभी बच्चे बंदरों के आतंक से सहमे हुए हैं वो काफी डरे हुए भी हैं।"

छात्रा को बंदरों ने दौड़ाकर काट लिया।

रायबरेली जिले के बछरावां कस्बे के हुसैनी मोहल्ला निवासी मो. लतीफ (38 वर्ष) का आठ साल का बेटा लकी छत पर सो रहा था। उसकी आंख खुली तो सामने एक बंदर था, बंदर से डर कर जीने से उतरने की बजाए दो मंजिला छत से नीचे कूद पड़ा। लकी को काफी चोट आई है।

लतीफ के पड़ोसी अशोक बताते हैं, "चोटिल लकी को फौरन बछरावां चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसकी गम्भीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल भेज दिया। अभी वह लखनऊ के ट्रामा सेंटर में भर्ती है। स्थानीय लोगों के अनुसार इलाके में दर्जनों बन्दर यहां की छतों पर खुले आम घूमा करते हैं। कभी किसी के घर पर कपड़े फाड़ देते हैं, तो कभी किसी का सामान उठा ले जाते हैं।"

"This article has been made possible because of financial support from Independent and Public-Spirited Media Foundation (www.ipsmf.org)."

More Stories


© 2019 All rights reserved.

Top