एक महीने बाद बैंक के हालात: शादी के लिए 24 हजार रुपए भी नही है बैंक के पास 

एक महीने बाद बैंक के हालात: शादी के लिए 24 हजार रुपए भी नही है बैंक के पास अपनी बहन अंजली की शादी का कार्ड लेकर बैंक की लाइन में लगे उपेंद्र कुमार को नहीं मिल सके रुपये।

रिपोर्ट: सतीश कश्यप (कम्युनिटी रिपोर्टर) 32 वर्ष

बाराबंकी। नोटबंदी के आज एक महीने पूरे हो गए हैं, लेकिन बैंकों में लोगों की भीड़ जस का तस बनी हुई है। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में बैंकों के हालात ऐसे हैं कि बैंकों में करेंसी के नाम पर लोगों के साथ मजाक किया जा रहा है। जिले के विकास भवन स्थित इलाहाबाद बैंक में तो सरकारी कर्मचारियों को महज उनकी सैलरी का पांच हजार रूपये ही बड़ी मुश्किल से मिल पा रहा है तो वहीं शादी में ढाई लाख रूपये की तो बात छोड़िए, बैंक 24 हजार रूपये भी देने से इनकार कर रहे हैं। दूसरी तरफ जिले की पंजाब नेशनल बैंक में पैसों की ऐसी किल्लत आ गयी है कि बैंक मैनेजर बैंक में सिर्फ 50 हजार रूपये की नगदी से ही काम चलाने की बात कर रहे हैं।

विकास भवन के इलाहाबाद बैंक का हाल

1000 और 500 रूपये के पुराने नोट बंद हुए पूरे एक महीने बीत गए हैं, लेकिन बाराबंकी जिले के बैंकों में लोगों की भीड़ जस का तस बनी हुयी है। बैंकों की मौजूदा स्थिति और लोगों की बैंक से पैसे निकालने की सुविधा जानने के लिए हम सबसे पहले बाराबंकी जिले के विकास भवन स्थित इलाहाबाद बैंक पहुंचे, जहां के हालात बेहद खराब नजर आए। ठिठुरती ठण्ड में अपने दिव्यांग पति अनिल और अपनी दो दुधमुंही मासूम बेटियां मोहिनी (4 माह) और शालिनी (डेढ़ वर्ष) के साथ रिया अपने सफाई कर्मचारी पति की मिलने वाली 16 हजार रूपये की तनख्वाह लेने सुबह-सुबह बैंक पहुंची हुई थी, लेकिन उन्हें सिर्फ पांच हजार रूपये ही बैंक देने को तैयार है। ऐसा इसलिए क्योंकि बैंक के पास पर्याप्त करेंसी अभी भी नहीं उपलब्ध है। इलाहाबाद बैंक के मैनेजर निशिन्त कुमार राजन का कहना है कि करेन्सी की कमी के चलते सबको मैनेज करना पड़ता है। जल्दी ही हालात सुधर जायेंगे।

बहन का तिलक है आज, भाई लगा है लाइन में

उधर अपनी बहन अंजली की शादी का कार्ड लेकर बैंक की लाइन में लगे उपेंद्र कुमार को बैंक ने ढाई लाख तो दूर 24 हजार रूपये भी देने को तैयार नहीं है। क्योंकि बैंक सिर्फ खाता धारक को पांच हजार रूपये देकर काम चलाने की बात कर रहा है। ऐसे में उपेंद्र के पास कोई दूसरा चारा भी नहीं है कि वो अपनी बहन की शादी के लिए क्या करे? पैसे के लिए उपेन्द्र बैंक की लाइन में लगे हैं और उधर आज ही उपेंद्र की बहन का तिलक भी जाना है।

इलाहाबाद बैंक में सिर्फ 50 हजार

इलाहाबाद बैंक के बाद कुछ ही दूर पर स्थित एक नजारा पंजाब नैशनल बैंक की गांधी आश्रम, क्रपालीनगर का भी देख लीजिए। जहां बैंक में सन्नाटा पसरा है क्योंकि बैंक में पैसे नही हैं। बैंक मैनेजर देवकीनंद शाह बताते हैं कि सुबह से बैंक में करेन्सी बाटी जा रही है। अब सिर्फ उनके पास पचास हजार रुपये ही बचे हैं। इसी से जरूरतमंद लोगों के लिए काम चलाया जायेगा।

This article has been made possible because of financial support from Independent and Public-Spirited Media Foundation (www.ipsmf.org).

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