कीटनाशकों का प्रयोग करने में सावधानी बरतें किसान

कीटनाशकों का प्रयोग करने में सावधानी बरतें किसानफोटो: प्रतीकात्मक (कृषि वैज्ञानिक: धीरज कुमार भारती) 

बहराइच। कीटों के प्रकोप से फसल बचाने के लिए किसान कीटनाशकों का प्रयोग करते हैं। कुछ कीटनाशक रसायनिक और ज्यादा विषैले होते हैं। यह मनुष्य और अन्य जीव-जन्तुओं के लिए बहुत घातक हो सकते हैं। इसलिए इनका प्रयोग करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है।

इन बातों का रखें ध्यान

कीटनाशक का प्रयोग करते समय यह देख लेना चाहिए कि उपकरण में लीकेज तो नहीं है। कभी भी कीटनाशक उपकरण पर मुंह लगाकर घोल खींचने का प्रयास नहीं करना चाहिए। तरल कीटनाशकों को सावधानी पूर्वक उपकरण में डालना चाहिए और यह ध्यान रखना चाहिए कि यह शरीर के किसी अंग में न जाए। अगर ऐसा होता है तो तुरन्त साफ पानी से कई बार धोना चाहिए। कीटनाशकों के छिड़काव के लिए उपयुक्त समय सुबह या सांयकाल होता है। इसका प्रयोग करते समय यह ध्यान रखें कि आसपास हवा तेज़ गति से ना चल रही हो।

कीटनाशक प्रयोग के बाद सावधानियां

बचे हुए कीटनाशक को सुरक्षित भण्डारित कर देना चाहिए। इसके रसायनों को बच्चों, बूढ़ों और पशुओं की पहुंच से दूर रखें। कीटनाशकों के खाली डिब्बों को किसी अन्य काम में नहीं लेना चाहिए। उन्हें तोड़कर मिट्टी में दबा देना चाहिए। कीटनाशक छिड़कने के बाद छिड़के गए खेत में किसी मनुष्य या जानवरों को नहीं जाने देना चाहिए।

कीटनाशक के संपर्क में आने पर क्या करें

अगर किसी ने कीटनाशक खा लिया है या गलती से मुंह में चला गया है, तो एक गिलास में गुनगुने पानी में दो चम्मच नमक मिलाकर उल्टी करानी चाहिए अथवा गुनगुने पानी में साबुन घोलकर देना चाहिए। अगर किसी व्यक्ति ने कीटनाशक सूंघ लिया हो, तो जल्दी ही उसे खुले स्थान पर ले जाना चाहिए और शरीर के कपड़े ढीले कर देना चाहिए। अगर सांस लेने में समस्या हो रही हो तो पेट के सहारे लिटाकर उसकी बाहों को सामने की और फैला दें एवं व्यक्ति की पीठ को हल्के-हल्के सहलाते हुए दबाएं और कृत्रिम श्वास भी देनी चाहिए।

ओपिनियन पीस - डॉ. धीरज कुमार भारती / कृषि वैज्ञानिक, भूमि सुधार प्रयोगशाला (बहराइच)

This article has been made possible because of financial support from Independent and Public-Spirited Media Foundation (www.ipsmf.org).

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