बिजली विभाग की लापरवाही से मर रहे पशु

बिजली विभाग  की लापरवाही से मर रहे पशुबिजली विभाग की लापरवाही से आए दिन पशुओं की मृत्यु हो रही है।

विकास यादव, स्वयं कम्यूनिटी जर्नलिस्ट

मेरठ। बिजली विभाग की लापरवाही से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन फिर भी विभाग इस पर ध्यान नहीं दे रहा है। मेरठ जिले के हस्तिनापुर ब्लॉक तोफापुर गाँव में बिजली के तार के चपेट में आने से एक की मौत हो गई, लेकिन उसके बाद भी बिजली विभाग के आंखे नहीं खुली।

तोफापुर गाँव के ओमपाल बताते हैं, "गाँव के जंगल में बिजली का तार तीन-चार फुट ऊंचाई पर ही है लेकिन आज तक किसी ने उन्हें सही कराने की कोशिश नहीं की। हमने कई बार इसको लेकर बिजली घर में भी बात की है लेकिन कोई नहीं सुनता।

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यह पहला पशु नहीं था इससे पहले भी कई पशु इन तारों की चपेट में आ चुके हैं, लेकिन आज तक किसी ने कोई कार्रवाई नहीं की इस बात को लेकर गाँव वालों में काफी रोष भरा है।"वो आगे बताते हैं, "करीब तीन चार माह से ऐसे ही तार लटके हैं और कई पशु भी मर चुके हैं ऐसे में गाँव वालों ने अपने पशु जंगल ले जाने भी कम कर दिए हैं।"

ग्रामीण डर के मारे अपने पशुओं को लेकर जंगल में चराने तक नहीं जाते हैं, जो जाता है भी तो पशुओं को बचाकर ले जाते हैं। हरी घास होने की वजह से पशु वहां चले जाते हैं और उन तारों की चपेट में आ जाते हैं। ओमपाल अपना दर्द बयां करते हुए बताते हैं, "किसानों का तो पशु ही धन है 40,000 का पशु मरा है, मेरा बताइए किससे मांगू मैं अपने पशुओं के पैसे क्या करें मजबूरी है पशु चराने ले जाने की वरना पशु भूखे मर जाएंगे।"

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बिजली विभाग के जेई सतीश कुमार बताते हैं, "इसमें हमारे बिजली कर्मियों की कुछ कमी रही है, लेकिन अब वह लाइन ठीक करा दी गई है और आगे से ऐसी कोई घटना नहीं घटेगी और जिन किसानों के पशु मरे हैं उनके लिए मुआवजे की बात अधिकारियों से हम करेंगे।

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