गोंडा में इलाज न मिलने से बच्चे की मौत, जांच टीम गठित

गोंडा में इलाज न मिलने से बच्चे की  मौत, जांच टीम गठितसांप काटने के बाद अस्पताल के गेट पर बेटे को लेकर बैठा पिता।

हरिनाराण शुक्ल, स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

गोंडा। सूबे की सरकार ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को पटरी पर नहीं ला पा रही है। शायद यही कारण है कि दूर दराज के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर शाम होते की ताले लग जाते हैं। ऐसा ही मामला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बभनजोत का है, जहां पर शनिवार की शाम सांप काटने से आये बालक की मौत बगैर इलाज के हो गई । कारण अस्पताल में ताला लटक रहा था। प्रकरण की जांच सीएमओ डा उमेष यादव ने दो सदस्यीय टीम को सौंपा है जिसकी रिपोर्ट आने पर गंभीर कार्रवाई के संकेत दिये जा रहे हैं।

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बीते शनिवार को महराजगंजग्रंट के दहलवा गांव के राम बली के लडका मंजने(5वर्ष) केा सांप ने काट लिया। साढे छह बजे की घटना और मरीज सात बजे अस्पताल पहुंचा जहां पर कोई नहीं था। साढे सात बजे बच्चे ने दम तोड़ दिया। इससे लोगों में आक्रोश पैदा हो गया। बाद में डाक्टर पहुंचे तो इलाज की जरूरत नहीं बची थी। पीड़ित पिता के गुस्से पर डाक्टर के एक साथी ने अभद्रता करने की शिकायत है।

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प्रकरण की शिकायत स्थानीय विधायक प्रभात वर्मा से हुई जिन्होंने स्वास्थ्य मंत्री व डीजी हेल्थ को जानकारी दी। इसके बाद सीएमओ ने डाक्टर से पूछा तो बताया कि लोग मारने दौड़े तो वह भाग गये। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए सीएमओ ने दो सदस्यीय कमेटी गठित कर दी , इनमें अतिरिक्त सीएमओ डाक्टर ग्यासुलहसन व लेखाधिकारी दिलीप गुप्ता को शामिल किया है। सीएमओ ने स्वीकार किया कि जिले दूर दराज अस्पताल के डाक्टर नियमित नहीं हैं। जांच रिपोर्ट आने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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