विकास से कोसों दूर बाराबंकी के कई गाँव

विकास से कोसों दूर बाराबंकी के कई गाँवबाराबंकी के गाँवों में ऐसा है सड़कों का हाल।

कम्यूनिटी जनर्लिस्ट: गौरव सिंह- फैजापुर, शालिनी वर्मा- गलुहा, शाश्वत सैनी- मोहनपुर

स्कूल- न्यू जय हिन्द इंटर कालेज विशुनपुर बाराबंकी

विशुनपुर (बाराबंकी)। आजादी के 70 साल बाद भी बाराबंकी के कई गाँव मूलभूत सुविधाओं से अछूते हैं। इन गाँवों में अभी भी आधारभूत सुविधाओं का अभाव है। इसके बावजूद प्रदेश सरकार हर क्षेत्र में विकास का दावा कर रही है, लेकिन बाराबंकी के कई गाँवों की हकीकत दूसरी ही है।

बजट आएगा तो बनेगी नाली

बाराबंकी मुख्यालय से 37 किमी दूर फतेहपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत चपरी मजरे फैजापुर में अभी तक कोई विकास कार्य नहीं कराया गया है। कक्षा 12 के छात्र गौरव सिंह ने बताया, "गाँव में न नाली है न खड़ंजा। बरसात में ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। गौरव आगे बताते हैं, "ग्राम प्रधान से नाली बनवाने के लिए कई बार कहा गया लेकिन जब बजट आएगा, तब नाली बनेगी कहकर बात को टाल दिया जाता है।"

गाँव में एक भी शौचालय नहीं

देवा ब्लॉक के मोहनपुर व गलुहा में भी कोई सरकारी कार्य नहीं दिखाई पड़ता। गलुहा की छात्रा शालिनी वर्मा ने बताया, "हमारे गाँव में एक भी शौचालय नहीं बना है। इससे महिलाओं को काफी दिक्कत होती है। ग्रामीण इतने समृद्ध नहीं हैं कि वे अपने पैसों से शौचालय बनवा सकें।" मोहनपुर के छात्र शाश्वत सैनी ने बताया, "गाँव में पानी निकलने के लिए नालियां नहीं है, जबकि मोहनपुर गाँव अंबेडकर गाँव में चयनित है, जो नलियां हैं भी, उनकी समय पर सफाई नहीं होती। सरकार भले ही विकास के बड़े-बड़े दावे कर रही हो, लेकिन गाँवों की हकीकत इससे जुदा है।"

This article has been made possible because of financial support from Independent and Public-Spirited Media Foundation (www.ipsmf.org).

More Stories


© 2019 All rights reserved.

Top