किसान मेला- कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को बताए कम लागत और ज्यादा उत्पादन बढ़ाने के उपाय
Sundar Chandel 9 Oct 2017 7:44 PM GMT

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क
मेरठ। कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय किसान मेले के दूसरे दिन कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को कम लागत में ज्यादा उत्पादन करने की जानकारी दी। मेले में कवि सम्मेलन और पशु प्रदर्शनी देखने के लिए किसानों की भीड़ उमड़ी। इसके अलावा विवि के कुलपति ने भी किसानों को तकनीकी रूप से खेती करने की अपील की।
मेला आयोजक डॉ. एस के सचान ने कहा, “किसानों को जैविक खाद्य प्रयोग कर खेती में लागत को घटाना पड़ेगा। यदि लगातार यूरिया और अन्य दवाईयों पर पैसा खर्च करते रहे तो बाद में सब बराबर ही दिखाई देगा। इसलिए ज्यादा से ज्यादा जैविक खाद का प्रयोग करें, ताकि आमदनी अच्छी हो और लागत बहुत कम हो जाए।”
ये भी पढ़ें- ऐतिहासिक होगा तीन दिवसीय अखिल भारतीय कृषि मेला, पशु प्रदर्शनी होगी आकर्षण का केंद्र
पशुपालन कर बढाएं आय
पशु प्रदर्शनी के मुख्य अतिथि निदेशक ,इफको, चौधरी शीशपाल सिंह ने कहा, “किसान पशुपालन करके अपनी आय बढ़ा सकते हैं। एक किसान के पास कम से कम चार भैंस और इतनी ही गाय होनी चाहिए, ताकि वह दूध का व्यापार कर खेती का पूरा पैसा बचा सके।" योगेंन्द्र कुमार कार्यकारी निदेशक विपणन, इफको, ने कहा कि इस तरह कि प्रदर्शनी की बहुत आवश्कता हैं।
ऐसे मेले किसानों की जागरूकता के लिए सबसे अच्छे माध्यम है।” पशु प्रदर्शनी के प्रभारी डॉ राजबीर सिंह बताते हैं, “इसमें 65 पशु हरियाणा, दिल्ली और यूपी से शामिल हुए हैं, जिसमें गिरी, साहिवाल, हरियाणा और नागौर नस्ल के पशु शामिल हैं। मेले में देश के जाने-माने भैंसे युवराज, सुल्तान, अर्जुन और भैंस आलिया प्रदर्शनी की शोभा बढ़ाए हुए हैं।”
ये भी पढ़ें- देवां मेला के लिए प्रशासन ने कसी कमर, इस बार मेले में किसानों लिए होगी खास व्यवस्था
बनाया गया पोर्टल
कुलपति प्रो. गया प्रसाद ने कहा, “वर्ष 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी होनी चाहिए। इसके लिए लागत को कम कर बाजार की व्यवस्था करनी होगी। देश में 590 मंडियों को जोड़ने के लिए पोर्टल बनाया गया है। जहां किसान अपना उत्पाद बेच सकते हैं।'' उन्होने आगे कहा, "किसानों के लिए सबसे बडी चुनौती जलवायु परिवर्तन की है, जो वर्तमान में बहुत घातक सिद्ध हो रही है। किसानों को चाहिए कि वो कृषि विविधिकरण को अपनाए, जिससे जलवायु परिवर्तन के खतरे से बचा जा सकता है।"
ताजा अपडेट के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक करने के लिए यहां, ट्विटर हैंडल को फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।
More Stories