नोटबंदी: किसान परेशान, कैसे होगी आलू, गेहूं, सरसों जैसी फसलों की बुवाई 

नोटबंदी: किसान परेशान, कैसे होगी आलू, गेहूं, सरसों जैसी फसलों की बुवाई बैंक से रुपये निकालने के लिए चक्कर काट रहे किसान।

कम्यूनिटी जर्नलिस्ट: सलमान खुर्शीद

सीतापुर। अभी रबी की बुवाई का समय चल रहा है। किसानों को बीज, खाद खरीदने के लिए रुपए चाहिए। लेकिन बैंकों में चल रही भीड़ की वजह से किसानों की खेती अब पिछड़ रही है।

खेत तैयार हैं, खाद डालकर बीज बोना था

सीतापुर जिले के काजी कमालपुर गाँव के किसान रामदुलारे ने अभी धान काटना शूरू किया है। धान कटने के बाद गेहूं की बुवाई करना चाहते हैं, लेकिन नोट बंद होने से कुछ भी नहीं कर पा रहे हैं। राम दुलारे बताते हैं, "खेत तैयार हैं, खाद डालकर बीज बोना था, लेकिन अब तो लगता है कि तीन-चार दिन तक बोनी नहीं हो पाएगी क्योंकि बैंकों में इतनी लंबी भीड़ लगी है कि पैसे ही नहीं निकाल पा रहा हूं।"

धान बेच दिया है, उसका पैसा भी फंस गया

ये परेशानी रामदुलारे अकेले किसान की नहीं है। जिले के ज्यादातर किसानों का यही हाल है। सीतापुर के कमलापुर गाँव के किसान अवतार सिंह (50 वर्ष) ने अभी अपना धान सरकारी खरीद केन्द्र पर बेचा है। राम अवतार सिंह कहते हैं, "बैंक में भीड़ लगने और 500 और 1000 के नोट बंद होने से सबसे ज्यादा परेशानी हम किसानों को ही हो रही है। धान बेच दिया है, उसका पैसा भी फंस गया है। जो पहले से बचाकर खेती के लिए रखा था अब वो चल ही नहीं रहा है।"

संचालकों ने बंद कर दिया केंद्र

इस समय गेहूं, सरसो, मसूर जैसी फसलों की बुवाई का समय है। उर्वरक और बीज केन्द्र संचालकों ने केन्द्रों को बंद कर दिया है। उत्तर भारत मे आलू की बुआई इस प्रकार करें कि आलू दिसम्बर के अंत तक पूरा बन जाए।

क्या कहते हैं कृषि वैज्ञानिक

कृषि विज्ञान केन्द्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. दया शंकर श्रीवास्तव कहते हैं, "किसान आलू की अगेती फसल ही लगाते हैं। इससे किसान को दोगुना फायदा हो जाता है। अगेती किस्म लगाने से आलू तैयार होने के बाद किसान गेहूं भी बो देता है।" वो आगे बताते हैं, "आलू के साथ ही गेहूं, सरसो जैसी फसलों की भी बुवाई पिछड़ रही है।" सामान्य तौर पर गेहूं की बुवाई अक्टूबर से दिसंबर तक की जाती है और फसल की कटाई फरवरी से मई तक की जाती है। जिन किस्मों की अवधि 135-140 दिन है, उनको नवम्बर के प्रथम पखवाड़े में और जो किस्में पकने में 120 दिन का समय लेती है, उन्हे 15-30 नवम्बर तक बोना चाहिए।

This article has been made possible because of financial support from Independent and Public-Spirited Media Foundation (www.ipsmf.org).

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