प्रदेश में छह महीने में तैयार होगा पराग का पहला आइसक्रीम प्लांट

प्रदेश में छह महीने में तैयार होगा पराग का पहला आइसक्रीम प्लांटआइसक्रीम। फोटो: साभार इंटरनेट

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

लखनऊ। अमूल, मदर डेयरी जैसी कई बड़ी कंपनियों से मुकाबला करने के लिए पराग भी आगे आ गया है। पराग प्रदेश का पहला ग्रीनफील्ड आइसक्रीम प्लांट लगाने जा रहा है। इस प्लांट से पराग देश भर में आइसक्रीम की सप्लाई करेगा। इस पूरे प्लांट को आधुनिक तकनीकी से तैयार किया जा रहा है।

बरेली जिले में लगने वाले इस प्लांट में रोजाना अलग-अलग फ्लेवर में आइसक्रीम तैयार करने के लिए एक लाख लीटर दूध का प्रयोग किया जाएगा। पराग के जीएम डीके वर्मा ने बताया, "इस प्लांट में दिसंबर माह से आइसक्रीम का उत्पदान होने की संभावना है। बेहतर गुणवत्ता और विश्व स्तरीय मानक के मुताबिक इस प्लांट में आइसक्रीम का उत्पादन शुरू किया जाएगा।प्लांट का निर्माण डेयरी मशीनरी कंपनी लिमिटेड (आईडीएमसी) कर रही है। ऑटोमेटिक मशीनों के जरिए उत्पाद तैयार होंगे।

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बरेली मंडल के पीलीभीत, बदायूं, शाहजहांपुर और बरेली जिले से प्लांट में दूध इकट्ठा किया जाएगा। आइसक्रीम के अलावा दूध से बनने वाले अन्य उत्पादों को भी तैयार किया जाएगा। इन सभी उत्पादों को बेचने के लिए पराग बूथ खोले जाऐंगे।
डीके वर्मा, जीएम, पराग

प्लांट से मिलने वाले रोजगार के बारे में वर्मा ने बताया," इस प्लांट शुरू होने पर लोगों को रोजगार के बेहतर मौके मिलेंगे। फैक्ट्री में काम करने से लेकर उत्पादन बेचने तक हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। शहर में पराग के बूथ खुलेंगे। प्लांट के जरिए अच्छी गुणवत्ता से बनी आइसक्रीम लोगों तक पहुंच सकेगी।

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108 करोड़ की लागत में बनने वाले इस प्लांट में करीब 35 करोड़ की मशीनरी लग रही है, जो आइसक्रीम बनाने के प्रयोग में लाई जाएगी। ग्रीनफील्ड प्लांट में दूध का पाश्चराइजेशन भी होगा।

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