बाराबंकी : दो साल से माइनर मेंं नहीं आया पानी, ट्यूबवेल से सिंचाई करने को किसान मज़बूर 

बाराबंकी : दो साल से माइनर मेंं नहीं आया पानी, ट्यूबवेल से सिंचाई करने को किसान मज़बूर सूखी पड़ी नहर 

कविता द्विवेदी/स्वयं कम्युनिटी जर्नलिस्ट

बाराबंकी। इस समय धान की फसल में सिंचाई की ज्यादा जरूरत होती है, साथ ही रबी की फसलों की बुवाई से पहले भी खेत में पानी भरके जुताई की जाती है, लेकिन यहां माइनर में पिछले दो साल से पानी नहीं आया, जिससे किसान ट्यूबवेल से सिंचाई करने को मजबूर हैं।

बाराबंकी जिला मुख्यालय से लगभग 45 किमी. दूर त्रिवेदीगंज ब्लॉक के नरेन्द्रपुर मरदहा गाँव में माइनर में पानी नहीं आ रहा है। गाँव के किसान पानी न मिलने से बहुत परेशान हैं। दो साल से किसानों को नरेंद्रपुर मदरहा की नहर का पानी नहीं मिल रहा है। गाँव के पुतान बाजपेई कहते हैं, "सरकार कह तो देती है कि किसानों को ये मिलेगा वो मिलेगा मगर किसानो कुछ नहीं मिलता है , क्या सरकार ये नहीं देखती कि जो किसानो के लिए योजनाएं दी जाती है वो उन तक पहुंचती भी है या नहीं।"

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इसी गाँव के नान दूबे ने बताया, "दो साल से हम लोग इंजन से खेत सिंचाई रहे हैं, एक बार भी नहर में पानी नही आया क्या किसानों की ऐसी ही समस्या सुनी जाती है कि केवल कह दिया और हो गया? हम लोग की लागत ज्यादा और फायदा कम होता है। खेती हम लोग जरूर करते हैं मगर फायदा दूसरे कमाते हैं। ऐसी सरकार होने से क्या फायदा जब समय पर नहर न मिले।"

किसानों की समस्या के बारे मे जब सिंचाई विभाग के जेई सतेन्द्र तिवारी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि नरेंद्रपुर मदरहा की नहर सात किलोमीटर से कम है ये मनरेगा के तहत आता है आप वहां से पता करें। दोबारा फिर बात करने पर कहा कि कोशिश ज़ारी है मगर आज एक सप्ताह हो गया कुछ नहीं हुआ|

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