#स्वयंफेस्टिवल में छात्रों ने कहा-अगले जन्म मोहे लड़का बनाइयो

Ashish DeepAshish Deep   20 Dec 2016 5:10 PM GMT

#स्वयंफेस्टिवल में छात्रों ने कहा-अगले जन्म मोहे लड़का बनाइयोLittle Hearts Academy स्कूल में बच्चों को दिखाई गई डाक्यूमेंट्री।

स्वयं फेस्टिवल : दूसरा दिन, स्थान : फैजाबाद का स्कूल Little Hearts Academy

स्व्यं फेस्टवल के दूसरे दिन भी फैजाबाद में ढेरों कार्यक्रम हुए। Little Hearts Academy में शनिवार को बच्चों जेंडर बेस्ड डाक्यूमेंट्री फिल्में दिखाई गईं। इनमें सबसे रोचक 'लड़का-लड़की' फिल्म के दौरान छात्रों का वक्तव्य रहा। उन्होंने कहा कि अगर हमें पुनर्जन्म का मौका मिला तो दोबारा लड़का बनना चाहेंगे क्योंकि लड़कों को डांट भी कम पड़ती है और घरवाले कहीं भी आने-जाने से रोकते-टोकते नहीं।

डाक्यूमेंट्री देखने के बाद छात्र और छात्राओं ने कई सवाल पूछे।

छेड़छाड़ पर आत्मरक्षा के गुर सिखाए

अवध पीपुल्स फोरम के अफाक उल्लाह, सादिक हसीन, दीपक कुमार ने बच्चों को कई फिल्में दिखाईं। पहली फिल्म 'कैच' थी जिसमें लड़कियों को बस स्टैंड पर छेड़छाड़ से निपटने के तरीके सिखाए गए। लड़कियों ने उत्सुकतावश पूछा कि अगर कोई हमला करे तो उससे कैसे निपटें। इस पर उन्हें मार्शलआर्ट और ताइक्वांडो सीखने के लिए प्रेरित किया गया। गौरतलब है कि स्वयं उत्सव के दौरान 25 जिलों में न सिर्फ लोगों को जागरूक किया जा रहा है बल्कि उन्हें स्वरक्षा के गुर भी सिखाए जा रहे हैं।

स्वयं उत्सव के दौरान छात्राओं को इनाम भी दिया गया।

खाना बनाना सिर्फ महिलाओं का काम नहीं

दूसरी फिल्म का नाम था 'मैन इन किचन' यानि रसोई में पुरुष। इस पर लड़कों को संदेश दिया गया कि खाना बनाना सिर्फ महिलाओं का काम नहीं है। आम तौर पर लड़के खाना बनाने को लड़कियों का काम बताते हैं। यह भी बताया गया कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता। महिलाएं रसोई संभालती हैं इसका मतलब यह नहीं कि वह कमजोर हैं। अब लड़कियां लड़कों के कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही है। एक और फिल्म 'मस्त बोल' भी दिखाई गई। इस सत्र से छात्रों का खूब मनोरंजन हुआ।

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