खेती के सीजन में अगर आपके पास नहीं हैं कृषि यन्त्र, तो जानिये किराये पर कैसे मिलेगा

खेती के सीजन में अगर आपके पास नहीं हैं कृषि  यन्त्र, तो जानिये किराये पर कैसे मिलेगाकृषि यंत्र पैडी वीडर।

मोहम्मद आमिल, स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

अलीगढ़। जिन किसानों के पास खेती करने के उपकरण नहीं हैं उन्हें निराश होने की आवश्यकता नहीं है। सरकार ने ऐसे किसानों की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। अब किसानों को ट्रैक्टर से लेकर बुवाई, कटाई, सिंचाई, मड़ाई व छिड़काव की मशीने गांव में स्थापित होने वाली फार्म मशीनरी बैंक से मिलेंगे। इतना ही नहीं फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना खुद ग्रामीण अपना एक समूह बनाकर कर सकते हैं, इसके लिए बाकायदा शासन स्तर से परियोजना लगाने के लिए इसमें आने वाले रकम के खर्चे का 80 प्रतिशत लागत शासन द्वारा दिया जाएगा। इस योजना का लाभ जनपद में सब-मिशन आन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन योजना के अन्तर्गत विकास खण्ड स्तर के न्याय पंचायत के ग्राम स्तर पर मिलेगा।

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योजना की जानकारी देते हुए उप कृषि निदेशक अनिल कुमार ने बताया,“ फार्म मशीनरी बैंक लगाने के लिए शासन द्वारा परियोजना की लागत अगर 10 लाख रुपए है तो फार्म लगाने वाले समूह को 80 प्रतिशत अधिकतम आठ लाख रुपए का अनुदान अनुमन्य किया जाएगा। स्वयं सहायता समूह, सहकारी समिति, कृषक उत्पादक संघ के अलावा कम से कम आठ कृषकों वाले समूह को इस योजना का लाभ मिलेगा। वही राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन समूह को भी इस योजना में प्राथमिकता दी जाएगी।”

इस तरह कराएं अपना पंजीकरण

फार्म मशीनरी बैंक लगाने के लिए इच्छुक समूह अपना पंजीकरण टोल फ्री नं0 1800 200 1050 करा सकता है। वही पंजीकरण कराने के बाद उप सम्भागीय कृषि अधिकारी कार्यालय आकर किसान पारदर्शी योजना के अन्तर्गत फार्म मशीनरी बैंक स्थापना में कराकर पंजीकरण संख्या दर्शाते हुये निर्धारित प्रारूप पर आवेदन 17 जून तक जमा करा सकते हैं। योजना के सम्बन्ध में जानकारी एवं आवेदन का प्रारूप उप सम्भागीय कृषि अधिकारी कार्यालय से प्राप्त कर सकते हैं।

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जवां विकासखंड के गांव सुमेरा के किसान रणसिंह (50वर्ष) ने कहा, ‘‘यह तो बहुत ही अच्छी योजना है, इससे गांव में खेती के लिए किराएं पर उपकरण भी मिलेंगे और रोजगार भी हासिल होगा।”

इसी विकासखंड के गांव चन्दौखा के किसान छत्रपाल (45वर्ष) का कहना है, ‘‘इस योजना का लाभ पाने के लिए जो आठ लोगों का समूह बनेगा उसमें आठ परिवारों का घर चलेगा। वहीं जो किसान कृषि यन्त्र नहीं खरीद पाते हैं उन्हें किराए पर यन्त्र भी मिलेंगे।” वहीं खैर अडडा निवासी उदय सिंह (46वर्ष) कहते हैं, ‘‘सरकार किसानों के लिए योजनाएं बहुत निकालती है। यह योजना भी बहुत अच्छी है।”

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