अगर खरीदना चाहते हैं जानवर, सज गया है देवा मेले का जानवर बाजार

अगर खरीदना चाहते हैं जानवर, सज गया है देवा मेले का जानवर बाजारदेवा मेला में सज रहा है जानवर का बाजार

कम्यूनिटी जनर्लिस्ट : अरुण मिश्रा

विशुनपुर (बाराबंकी)। प्रसिद्ध देवा मेला की तिथि नजदीक आते ही उसके उद्घाटन की तैयारियां जोरशोर से शुरू कर दी गई है। साथ ही मेले का जानवर बाजार इन दिनों अपने पूरे जोश पर नजर आ रहा है। बता दें कि देवा मेले के अवसर पर यहां जानवरों की बिक्री के लिए कई राज्यों से व्यापारी अपने जानवर बेचने के लिए आते हैं।

17 अक्टूबर से शुरू होगा देवा मेला

यह मेला हर साल सूफी संत सैय्यद हाजी वारिस अली शाह के वालिद सैय्यद कुर्बान अली शाह की याद में लगाया जाता है और यह मेला 17 अक्टूबर से शुरू होने जा रहा हैं। मेला शुरू होने से पहले ही खच्चर और गधा बाजार अपने पूरे शबाब पर है। बाजार में एक नहीं, बल्कि कई राज्यों के व्यापारी अपने जानवरों के साथ खच्चर बाजार में शामिल होने को तैयार हैं। इस मेले में बिहार, नेपाल जैसे कई अन्य राज्यों के व्यापारी शामिल हो रहे हैं।

क्या कहते हैं व्यापारी

लखनऊ के व्यापारी सोहनलाल बताते हैं, "मैं अपने 20 जानवर लेकर बाजार में आया हूं। हर साल यहां सभी जानवर बिक जाते हैं।" वहीं, कानपुर के रज्जन बताते हैं, "मैं कई वर्षों से देवा मेला में जानवर बेचने आता हूं। इस बार भी करीब एक दर्जन खच्चर लेकर बेचने आया हूं।"

मेले में है अव्यवस्था का माहौल

वहीं बाजार में लाइट और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने से व्यापारियों को काफी दिक्कतें भी उठानी पड़ रही हैं। बाजार में उचित बिजली व्यवस्था न होने से रात्रि में व्यापारियों में असुरक्षा का माहौल बना रहता है और वहां आए लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वहीं, बाजार में फोर्स की तैनाती न होने के कारण व्यापारियों को जानवर चुरा लिए जाने का डर भी हमेशा बना रहता है। बीती रात्रि में नेपाल से आये व्यापारी के दो घोड़े चोरी हो गए, जिससे एक व्यापारी का हजारों का नुकसान हो गया।

दुकानदार सजा रहे हैं अपनी दुकानें

वहीं, देवा मेले के अंदर भी दुकानें सजने लगी हैं। दुकानदार अपनी दुकानों को सजाने सवांरने में लगे हैं और उसे रंग-बिरंगा करने में लगे हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग उनकी दुकान में शिरकत करें। साथ ही मजार रोड पर भी काफी भीड़भाड़ दिखने लगी है।

सबसे ज्यादा बिकते हैं घोड़े और खच्चर

देवा मेले के बाजार में सबसे ज्यादा घोड़े और खच्चर की बिक्री होती है। इसके अलावा इस मेले में गाय-भैंस, बकरी, मुर्गियां, ऊंट जानवरों की बिक्री होती है और हर जानवर की बिक्री के लिए मेले में अलग-अलग पंक्तियां होती हैं।

This article has been made possible because of financial support from Independent and Public-Spirited Media Foundation (www.ipsmf.org).

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