चोरी-छिपे हरे और प्रतिबंधित पेड़ों पर चल रहा आरा

चोरी-छिपे हरे और प्रतिबंधित पेड़ों पर चल रहा आराबाराबंकी जिले के टपरा गांव में काटा गया पेड़। फोटो वीरेंद्र सिंह

वीरेंद्र सिंह, कम्यूनिटी जर्नलिस्ट

बेलहरा (बाराबंकी)। कुछ महीने पहले जहां प्रदेश सरकार ने पांच करोड़ से ज्यादा पौधे लगाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया था वहीं कई जिलों में वन विभाग की लापरवाही से प्रदेश को हराभरा बनाने की मुहिम को झटका लग रहा है। बाराबंकी जिले में लगातार हरे पेड़ों का कटान हो रहे है।

जिले के तहसील फतेहपुर के बेलहरा और सूरतगंज इलाके में इलाकों में लगातार हरे और प्रतिबंधित पेड़ों के कटान की खबर है। पिछले दिनों छेदा बाजार पुरवा के आम की पूरी बाग साफ कर दी ही। इसी तरह कोतवाली मोहम्मदपुर खाला के अंतर्गत टपरा में शीशम के पेड़ों पर अरा चला तो टडवा में नीम के पेड़ काटे गए।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि वन विभाग और पुलिस की लापरवाही से लकड़ी माफिया और ठेकेदारों के हौसले बुलंद है। ठेकेदार देवां मेले में पुलिस के व्यस्त होने का भी फायदा उठा रहे हैं। कई स्थानीय लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हरे पेड़ रातों-रात काट कर आरा मशीनों पर पहुंचा दिए जाते हैं, वहां इऩकी तुरंत चिरान हो जाती है।

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