#स्वयंफेस्टिवल: मथुरा में 800 छात्राओं ने जाना साइबर क्राइम, फेसबुक और टिवटर का रहस्य

#स्वयंफेस्टिवल: मथुरा में 800 छात्राओं ने जाना साइबर क्राइम, फेसबुक और टिवटर का रहस्यमथुरा में स्कूल में साइबर क्राइम के बारे में छात्राओं को मिली जानकारी।

विनय गुप्ता

मथुरा (वृंदावन)। स्वयं प्रोजेक्ट के तहत धनुका बालिका कॉलेज वृंदावन में यूपी पुलिस के जागरूकता कार्यक्रम में शुक्रवार की सुबह छात्राओं का जोश देखते ही बन रहा था। करीब 800 छात्राएं यहां यूपी पुलिस के अधिकारियों के विशेष सत्र को सुनने के लिए आई हुईं थी। जिनको यहां साइबर क्राइम, फेसबुक और टिवटर के जरिये होने वाले अपराधों के विषय में बहुत ही रोचक और जरूरी जानकारियों से अवगत करवाया गया। इसके साथ ही उनको हाल ही में शुरू की गई यूपी पुलिस की डायल 100 सेवा के तहत मिलने वाली सुविधाओं से भी अवगत करवाया गया।

ईमेल हैकिंग, एकाउंट हैकिंग और...

कार्यक्रम में जानकारी देते पुलिस अधिकारी।

सुबह कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही यहां सैकड़ों छात्राएं पूर्ण अनुशासन के साथ आईं और उन्होंने यूपी पुलिस के इस सत्र में अपनी रुचि प्रदर्शित की। यहां बच्चियों को साइबर अपराधियों द्वारा किस तरह से परेशान किया जा सकता है, उसकी जानकारी दी गई। जिसमें उनको ईमेल हैकिंग, एकाउंट हैकिंग, एटीएम फ्रॉड और साइबर अपराधों के बारे में यूपी पुलिस के विशेषज्ञ प्रशांत बघेल ने जानकारियां दीं।

जाना, फेसबुक में फेक आईडी की पहचान क्या है...

डायल 100 सेवा किस तरह से 15 से 20 मिनट के भीतर आपकी मदद करेगी, इसको लेकर सेवा की खूबियां बताईं विकास तोमर ने। उन्होंने बताया कि प्रदेश के चुनिंदा जिलों में फिलहाल ये सेवा शुरू की गई है। मगर धीरे-धीरे इसका विस्तार पूरे राज्य में होगा। पुलिस से ही अभिनव ने यहां छात्राओं को बताया कि किस तरह से फेसबुक का इस्तेमाल किया जाना है। इसके अलावा फेसबुक में कैसे छात्राओं को अपनी सुरक्षा का ख्याल रखना है। फेक आईडी की पहचान क्या हैं। आप अपनी पोस्ट को किस तरह से सिक्योर कर सकती हैं। इसके अलावा प्रोफाइल के दुरुपयोग और आपको किस तरह से फेसबुक पर बात करनी चाहिये इन सारी चीजों की जानकारी दी गई। यूपी पुलिस से ही विनीत ने टिवट्र से जुड़ी बालिकाओं की जिज्ञासाओं का समाधान किया।

इस मौके पर मौजूद कॉलेज के प्रबंधक पद्मनाथ गोस्वामी और प्रिंसिपल अंजू सूद ने स्वयं फेस्टिवल के तहत जिस तरह से लोगों के लिए जागरूकता के विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं और मदद हो रही है, उसकी भूरि भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि खासतौर पर स्टूडेंट के लिए तो ये फेस्टिवल बहुत ही खास साबित हो रहा है।

This article has been made possible because of financial support from Independent and Public-Spirited Media Foundation (www.ipsmf.org).

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