सूखी पड़ी है माइनर, कैसे हो खेतों में सिंचाई

सूखी पड़ी है माइनर, कैसे हो खेतों में सिंचाईतिर्वा के बिजलीघर से गुजरा माइनर, जिसमें नहीं दिख रहा पानी।

कम्यूनिटी जर्नलिस्ट: मानसी (16)

आरएस पब्लिक इंटर कॉलेज, गांधीनगर तिर्वा-कन्नौज

तिर्वा/कन्नौज। कई महीनों से माइनर में पानी नहीं आया है। सफाई भी नहीं हुई है। इससे किसानों को फसलें सींचने में दिक्कतें हो रही हैं। सिंचाई के लिए अन्नदाता इधर-उधर भटक रहे हैं।

गाँव के आस-पास खेतों में सिंचाई का साधन

कस्बे के बिजली घर के निकट से माइनर निकली है। यह माइनर उमर्दा ब्लॉक क्षेत्र के कई गांव से निकलती है। गांव के आसपास खेतों में सिंचाई का साधन माइनर ही है। वर्तमान समय में यह माइनर कई महीनों से सूखी है। इसकी सफाई भी नहीं हुई है। गंदगी ही गंदगी है। बड़ी-बड़ी जंगली घास भी उग आई है। कहीं-कहीं लोगों ने अतिक्रमण भी कर लिया है। इससे माइनर के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है।

बिना पानी के फसलें कैसे होंगी

देखरेख के अभाव में किसानों को तो दिक्कतें हैं ही, कस्बावासियों को भी मुसीबत है कि इसकी सफाई नहीं हुई है। इससे तरह-तरह की बीमारियां फैल रही हैं। जन एकता वेलफेयर समिति के संस्थापक सदाकत हुसैन का कहना है कि जनप्रतिनिधियों और सरकार को किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए निस्तारित करना चाहिए। वह कहते हैं कि बिना पानी के आखिर फसलें कैसे होंगी।

सैकड़ों गाँव होते हैं प्रभावित

रजबहे के आस-पास होने लगा अतिक्रमण और उगी बड़ी-बड़ी घास।

महतेपुर्वा गांव निवासी अनिल शुक्ल का कहना है कि यह माइनर उनके गांव के निकट से निकली है, लेकिन महीनों से पानी नहीं आया है। इस समय आलू, सरसों आदि की फसल के लिए पानी की जरूरत है। किसान परेशान हैं। बरूआहार निवासी रामबहादुर का कहना है कि माइनर में पानी न आने से फसलों के अलावा सब्जियों के उत्पादन पर भी प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि माइनर में कभी पानी आता है तो कभी महीनों के लिए गायब हो जाता है। वह कहते हैं कि माइनर में पानी न आने से एक-दो गांव में समस्या नहीं होती, बल्कि सैकड़ों गांव के किसान प्रभावित होते हैं।

बीमारियों का भी खतरा

माइनर की सफाई भी महीनों से नहीं हुई है। इससे इसमें गंदगी का साम्राज्य है। गंदगी में ही मच्छर पनपते हैं। जिससे डेंगू, चिकुनगुनिया, मलेरिया आदि का खतरा अधिक रहता है। साथ ही घास में कीड़े भी छिपे रहते हैं। समय-समय पर इसकी सफाई होनी चाहिए। गंदगी की वजह से कई बीमारियां फैलती हैं और लोगों को शारीरिक और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इलाज में समय भी बर्बाद होता है।

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