नहीं सुधर रही बहराइच नगर की तस्वीर

नहीं सुधर रही बहराइच नगर की तस्वीरसड़क पर अतिक्रमण की वजह से जाम में फंसी एंबुलेंस।

कम्यूनिटी जर्नलिस्ट: अतुल पाण्डेय

बहराइच। बहराइच नगर में जब कभी भी प्रशासनिक उच्च अधिकारी, नेता और कोई फ्लैग मार्च निकलने का आदेश होता है, तब ही यहां की सड़कें खाली नज़र आती हैं। वैसे नगर की आम बाज़ारों में हर दिन ठेलों और गाड़ियों की भीड़ राहगीरों को परेशान करती नजर आती है। हालत यह है कि बाज़ार में चलना मात्र भी लोगों के लिए मुश्किल का सबब बन चुका है।

तीन किमी दूरी तय करने में लगता है आधा घंटा

बहराइच मुख्यालय से लेकर रोडवेज पीपल तिराहे से घंटाघर, छावनी और दुलदुल हाउस तक अतिक्रमण इस हद तक फैला है कि यहां आए दिन जाम लगा रहता है। छावनी क्षेत्र में रहने वाले प्यारे लाल शुक्ला (48 वर्ष) बताते हैं, " यहां कोई भी दिन ऐसा नहीं होता, जब जाम नहीं लगता हो। बाज़ार से बस स्टॉप की दूरी तीन किमी से भी कम है, लेकिन बाज़ार में ठेले और गाड़ियां इतनी रहता हैं कि इस दूरी को तय करने में आधे से एक घंटे तक लग जाता है।''

दोनों ओर अस्थायी दुकानों का कब्जा

नगर में बस स्टॉप हो या फिर चौक बाज़ार या कोई गली, कोई भी जगह अतिक्रमणकारियों से कोरी नहीं बची है। यही नहीं, बहराइच राजमार्ग पर स्थित इस कस्बे में सड़क को दोनों पटरियों पर अस्थायी दुकानों को लगाकर दुकानदारों ने कब्ज़ा कर रखा है। ठेले और पन्नी तानकर लागने वाली अस्थायी दुकानों ने स्थानीय जनता का अवागमन चौपट कर दिया है।

होती रहती हैं छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं

चौक बाज़ार के निवासी कमल कांत सिंह बताते हैं कि पूरे नगर क्षेत्र में प्रतिदिन हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं इन रोड से होकर रोज़ स्कूल और कॉलेज जाते हैं, जिसमें कई-कई घंटे तक जाम लगा रहता है। सड़क पर अतिक्रमण से आए दिन छोटी बड़ी दुर्घटनाए होती रहती हैं।

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