सिर्फ कागजों में सिमटी, खातों तक नहीं पहुंच रही विधवा पेंशन

Swati ShuklaSwati Shukla   1 Jan 2017 4:37 PM GMT

सिर्फ कागजों में सिमटी, खातों तक नहीं पहुंच रही विधवा पेंशनकई महिलाओं को नहीं मिल रहा विधवा पेंशन का लाभ।

स्वयं प्रोजेक्ट

लखनऊ। पति की मृत्यु हुए तीन साल बीत गए। आज गुड़िया बड़ी मुश्किल से अपने घर का खर्चा चला रही हैं। जब विधवा पेंशन योजना के बारे में गुड़िया को जानकारी मिली तो उसने पेंशन के लिए आवेदन किया, कागजात जमा किए, मगर लंबा समय बीत गया और आज तक गुड़िया को विधवा पेंशन नहीं मिल सकी। 36 वर्षीय गुड़िया शुक्ला फैजुल्लागंज में रहती हैं। यह हाल केवल गुड़िया का ही नहीं है, बल्कि ऐसी कई विधवा महिलाएं हैं, जिनको विधवा पेंशन का लाभ नहीं मिल रहा है।

कई महिलाएं भटकती दिखाई पड़ती हैं

गुड़िया शुक्ला आगे बताती हैं, "मेरे पति की मृत्य 2013 में हुई थी। पति की मृत्यु के बाद योजना के लिए फॉर्म भरा था। सारे कागजात भी जमा किए, लेकिन अभी तक एक बार भी विधवा पेंशन नहीं मिल सकी है। मैं जब-जब पता करने जाती हूं तो मुझे कई महिलाएं मिलती हैं, जो विधवा पेंशन के लिए मेरी तरह भटकती दिखाई पड़ती हैं।

शिवराम कली भी इनमें से एक

वहीं, जिला मुख्यालय से 35 किलोमीटर दूर सुभान नगर गाँव की रहने वाली शिवराम कली (40 वर्ष) बताती हैं, "विधवा पेंशन के लिए तीन बार फॉर्म भर चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई पेंशन नहीं आई। प्रधान के पास सब कागज जमा कराए। काम न बनने पर तहसील दिवस पर शिकायत भी की। मगर अब तक कुछ भी नहीं हुआ। हर बार कॉलोनी आते हैं, लेकिन हमको अभी तक कुछ नई मिला।"

करीब 17 लाख पेंशनर्स लाभार्थी

विधवा पेंशन योजना उत्तर प्रदेश सरकार के 2016-17 के आंकड़ों के अनुसार, पेंशनर्स लाभार्थी लगभग 17 लाख 20 हजार हैं। इनमें सामान्य महिलाएं 2.38 लाख, मुस्लिम भागादारी 2.03 लाख, ओबीसी 7.89 लाख, एएसी 4.64 लाख और एसटी 0.10 लाख है।

धरातल पर नहीं उतर पा रही योजना

सरकार द्वारा विधवाओं को आत्मनिर्भर बनने एवं समाज में सम्मानपूर्वक रहने के लिए विभिन्न प्रकार से जनकल्याणकारी योजना को धरातल में लागू करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन जानकारी न होने और प्रशासनिक उदासीनता से योजना धरातल पर नहीं उतर पा रही है।

एसडीएम से भी शिकायत की मगर...

इन्टौजा ग्राम पंचायत के असनहा गाँव की रहने वाली 50 वर्षीय रामपत्ती बताती हैं कि दो साल फॉर्म भरे हो गया है, लेकिन अभी तक कोई पैसा नहीं मिला। एसडीएम से भी कहा कि पर कोई काम नहीं कराया।

क्या कहते हैं अधिकारी

तहसील दिवस पर हम विधवा पेंशन के लिए आँनलाइन फार्म भरवा देते हैं। जिस महिला को विधवा पेंशन चाहिए, वह तहसील दिवस में आएं क्योंकि वहां पर एडीओ भी आते हैं जो समस्या का निवारण करते हैं।
ज्योत्सना यादव, उपजिलाअधिकारी।

विधवा पेंशन योजना के लिए पात्रता

  • पति की मृत्यु के बाद निराश्रित महिला की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  • महिला गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रही हो।
  • महिला बच्चे नाबालिग हो अथवा बालिग होने पर कमाने में असमर्थ होँ।
  • निराश्रित महिला द्वारा पुर्नविवाह न किया गया हो अथवा शासन के अन्य विभाग द्वारा वृद्धावस्था या अन्य कोई पेंशन या शासकीय सहायता प्राप्त न रही हो।
  • पेंशन की दर 300 रुपये प्रति माह लाभ मिलता है। विधवा पेंशन योजना के आवेदन करने के लिए ग्रामीण क्षेत्र के ग्राम सभा व शहरी क्षेत्र में आवेदन करने के लिए जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। विधवा पेंशन योजना के पैसे का भुगतान हर 6-6 माह की दो समान किश्तों में धनराशि वितरित की जाती है। साथ ही धनराशि का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से किया जाता है।

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