कई वर्षों से सूना पड़ा है अंगेठा गाँव का पंचायत भवन

कई वर्षों से सूना पड़ा है अंगेठा गाँव का पंचायत भवनअंगेठा गाँव के पंचायत भवन में उग आई हैं बड़ी-बड़ी झाड़ियां।

कम्युनिटी जनर्लिस्ट: राहुल त्रिपाठी

बिसवां (सीतापुर)। जहां सरकार एक तरफ कई नई योजनाओं के तहत नए भवनों का निर्माण करा रही है। वहीं, दूसरी तरफ कई वर्षों से बंद पड़े पंचायत भवनों पर किसी का ध्यान नहीं जा रहा है। सीतापुर जिले के बिसवां ब्लॉक के अंगेठा गाँव में कई वर्षों पहले पंचायत भवन का निर्माण कराया गया था। लेकिन लाखों खर्च के बाद भी लाभ मिलना तो दूर, ये पंचायत भवन लोगों के लिए परेशानी बन गया है।

एक दिन भी नहीं आया कोई अधिकारी

देखरेख के अभाव में यह हो गया पंचायत भवन का हाल।

अंगेठा गाँव के रहने वाले अमरीश त्रिपाठी बताते हैं, "हमें उम्मीद थी कि अब किसी सरकारी काम के लिए कर्मचारियों के तलाश में दूर नहीं जाना पड़ेगा। गाँव में ही सारे काम हो जाएंगे, लेकिन पंचायत भवन बनने के बाद यहां एक दिन भी कोई अधिकारी और कर्मचारी नहीं आया।"

सरकारी योजनाओं से लोग हैं अंजान

ऐसा है पंचायत भवन का हाल।

सरकार ने पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में पंचायत भवन का निर्माण करवाया था। शासन की मंशा थी कि पंचायत भवन के जरिए ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उनके गाँव में ही मिल जाएगा। इतना ही नहीं, इस पंचायत भवन में अब बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आई हैं।

अटकी हैं सरकारी प्रक्रियाएं

इस सचिवालय में ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव, ग्राम विकास अधिकारी और लेखपाल आदि ग्राम पंचायत स्तर के प्रतिनिधियों और कर्मचारियों के नियमित रूप से बैठने की बात की गई थी। सचिवालय के माध्यम से ग्रामीणों को आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं के फार्म व प्रक्रिया को पूरा किया जाना था।

This article has been made possible because of financial support from Independent and Public-Spirited Media Foundation (www.ipsmf.org).

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