तालाब पर दबंगों का कब्जा, गाँव में घट रहा जलस्तर, फसलों की पैदावार पर पड़ रहा असर

तालाब पर दबंगों का कब्जा, गाँव में घट रहा जलस्तर, फसलों की पैदावार पर पड़ रहा असरप्रतीकात्मक फोटो

कम्यूनिटी जर्नलिस्ट: रतन पाल सिंह

कक्षा- 12, उम्र- 16 वर्ष

रईस अहमद इंटर कालेज,

इटवा (सिद्धार्थनगर)। प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री तालाब बचाओ योजना से तालाबों का संरक्षण कर रही है, वहीं पर कई ग्राम पंचायतों में दबंगों ने तालाब पर कब्जा कर रखा है। इससे कई गाँवों में जल स्तर बहुत नीचे चला गया है, जिसकी वजह से ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

पहले पानी से भरा रहता था तालाब

जिला मुख्यालय से लगभग 30 किमी. दूर इटवा ब्लॉक के झगडिहवां गाँव में सार्वजनिक तालाब पर दबंगों ने कब्जा कर रखा है और दबंगों ने उसपर कब्जा कर खेत बनाना शुरु कर दिया है। इसी गाँव में रहने वाले राकेश सिंह (45 वर्ष) बताते हैं, "पहले तालाब में पानी भरा रहता था तो आस-पास के खेतों की सिचाई बहुत आसानी से कर लेते थे, हमारी फसल सूख नहीं पाती थी, जब से मकान बन गये हैं तब से ट्यूबेल भी सिंचाई के दौरान पानी छोड़ देते हैं।"

फसलों को नहीं मिल रहा पानी

वो आगे बताते हैं, "फसलों को समय से पानी न मिल पाने की वजह से पैदावार नहीं होती, वैसे भी सूखा पड़ा है, जो संसाधन हैं भी उनका भी इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं।" प्रदेश सरकार द्वारा प्राकृतिक जल स्त्रोत एवं वर्षा जल के संचयन के उद्देश्य से ‘मुख्यमंत्री जल बचाओ अभियान’ योजना लागू की गयी है। इस योजना में एक हेक्टेयर से कम आकार के तालाबों के इनवेट तथा तालाबों के पुर्नस्थापित कराने का कार्य मनरेगा से किया जा रहा है। रमेश यादव सिंह (40 वर्ष) बताते हैं, "घंटो नलों पर खड़े रहना पड़ता है, क्योंकि पानी चला जाता है। लोग कहते हैं बुन्देलखण्ड में सूखा पड़ा है हम तो कहते हैं कि हमारे गाँव में भी सूखा पड़ा है।

This article has been made possible because of financial support from Independent and Public-Spirited Media Foundation (www.ipsmf.org).

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