नोटबंदी से रोडवेज ने बढ़ाए स्मार्ट कार्ड 

नोटबंदी से रोडवेज ने बढ़ाए स्मार्ट कार्ड फोटो साभार: गूगल।

स्वयं डेस्क

लखनऊ। नोटबंदी के बाद फुटकर की समस्या से यात्रियों का सफर बाधित न हो और बस अड्डे पर फुटकर पैसे के अभाव में टिकट के लिए उन्हें इधर-उधर भटकना न पड़े, इसी को ध्यान में रखकर रोडवेज ने बस में टिकट के बजाय स्मार्ट कार्ड को बढ़ावा देने का फैसला लिया है। परिवहन निगम मुख्यालय से क्षेत्रीय अधिकारियों को सर्कुलर भेजकर स्मार्ट कार्ड योजना को लागू करने का आदेश दिया गया है। ऐसे में स्मार्ट कार्ड से परिचालक ईटीएम खराब होने का बहाना बनाकर यात्री से किराया लेकर टिकट जारी नहीं करेंगे। वहीं, अगर ऐसी कोई शिकायत मिलती है तो परिचालक के साथ ही सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

और मजबूत होगी स्मार्ट कार्ड योजना

केंद्र सरकार के 24 नवंबर की रात से रोडवेज में भी 500 व 1000 के पुराने नोट स्वीकार करने की छूट समाप्त किए जाने के आदेश के बाद रोडवेज प्रशासन ने पहले से चल रही स्मार्ट कार्ड योजना को और भी मजबूत करने की योजना बनाई है। इसके लिए क्षेत्रीय अधिकारियों को ज्यादा से ज्यादा स्मार्ट कार्ड जारी कराने के लिए कहा गया है।

क्या कहते हैं अधिकारी

उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के मुख्य प्रबंधक एचएस गाबा का कहना है कि वर्तमान में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और आईसीआईसीआई बैंक के स्मार्ट कार्ड यात्रियों के लिए उपलब्ध हैं। बसों में यात्रा करने के दौरान यात्रियों के साथ ही परिचालकों के सामने फुटकर की बड़ी समस्या पैदा हो रही है। ऐसे में फुटकर का सबसे बेहतर विकल्प स्मार्ट कार्ड है। स्मार्ट कार्ड से यात्रा करने पर यात्रियों को किराए में छूट भी मिलती है, जिससे यात्री स्मार्ट कार्ड बनाने के प्रति आकर्षित हो रहे हैं।

स्मार्ट कार्ड के रीचार्ज की व्यवस्था नहीं

परिवहन निगम भले ही स्मार्ट कार्ड योजना को मजबूती देने की बात कर रहा हो और ज्यादा से ज्यादा यात्रियों को नकद किराए के बजाय स्मार्ट कार्ड से किराया चुकाने के लिए स्मार्ट कार्ड की उपलब्धता बढ़ाने की बात कर रहा हो, लेकिन हकीकत यह है कि यात्री स्मार्ट कार्ड से यात्रा करने में दिलचस्पी ही नहीं ले रहे हैं। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह एक बार स्मार्ट कार्ड बनवाने के बाद इसके रीचार्ज होने में आने वाली बड़ी परेशानी होना है। स्टेशन पर स्मार्ट कार्ड के रीचार्ज की कोई व्यवस्था ही नहीं है। 500 और 1000 का नोट चल नहीं रहा है, ऐसे में स्मार्ट कार्ड रीचार्ज कराने के लिए यात्रियों को फुटकर की व्यवस्था करनी ही होगी, तो स्मार्ट कार्ड के झंझट में फंसने से यात्री कट रहे हैं।

कुछ ही बस अड्डों पर रीचार्ज की सुविधा

राजधानी के बस अड्डों को छोड़ दिया जाए तो प्रदेश के ज्यादातर बस अड्डों पर स्मार्ट कार्ड जारी करने से लेकर इनके रीचार्ज की कोई सुविधा है ही नहीं। ऐसे में परिवहन निगम की यह योजना पूरी तरह से फ्लॉप ही साबित हो रही है। एयरपोर्ट की तर्ज पर बन रहे कैसरबाग बस अड्डों पर ही इन दिनों स्मार्ट कार्ड जारी करने से लेकर इसके रीचार्ज में बड़ी समस्या खड़ी हो रही है, ऐसे में अन्य जगहों पर क्या हाल होगा, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।

वेंडिंग मशीन लगे तो सफल हो योजना

परिवहन निगम के अधिकारियों ने बताया कि दिन में तो रीचार्ज की सुविधा यात्रियों को मिल जाती है, लेकिन रात में अगर किसी यात्री को स्मार्ट कार्ड रीचार्ज करने की आवश्यकता पड़ती है तो बस अड्डे पर इसकी कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में स्मार्ट कार्ड का यात्रियों को कोई फायदा ही नहीं मिल पाता है। अधिकारियों की मानें तो बस स्टॉप पर 24 घंटे स्मार्ट कार्ड के रीचार्ज की सुविधा मिले, तब जाकर स्मार्ट कार्ड योजना सफल हो सकती है। इसके लिए अधिकारियों ने बस अड्डों पर वेंडिंग मशीन की सुविधा को अहम बताया। वेंडिंग मशीन से कोई भी यात्री किसी भी समय अपना स्मार्ट कार्ड रीचार्ज कर सके और स्मार्ट कार्ड से किराया चुकाकर सफर का लुत्फ उठा सके।

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