#स्वयंफ़ेस्टिवल: गर्भवती महिलाओं ने डरते डरते कराया एचआईवी टेस्ट, नेगेटिव आने पर खुशी से झूमी

#स्वयंफ़ेस्टिवल: गर्भवती महिलाओं ने डरते डरते कराया एचआईवी टेस्ट, नेगेटिव आने पर खुशी से झूमीराबर्ट्सगंज ब्लाक के हिन्दुआरी गाँव में एचआईवी टेस्ट शिविर।

स्वयं डेस्क/ कम्युनिटी जर्नलिस्ट : करन सिंह

हिन्दुआरी (राबर्ट्सगंज, सोनभद्र)। स्वयं फ़ेस्टिवल में हिन्दुआरी गाँव के ग्रामीणों ने अपना एचआईवी का परीक्षण डरते डरते कराया। इनमें अधिकतर गर्भवती महिलाएं शामिल थी। पर जब डाक्टर ने सभी की टेस्ट के रिपोर्ट नेगेटिव बताई तो खुशी के साथ उनके विश्वास को एक नई मजबूती मिली।

देश के पहले ग्रामीण अखबार गाँव कनेक्शन की चौथी वर्षगांठ पर 2-8 दिसंबर तक उत्तर प्रदेश के 25 ज़िलों में स्वयं फ़ेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है। आपका शहर कन्नौज भी इन 25 जिलों में शामिल है। आज स्वयं फ़ेस्टिवल तीसरा दिन (4 दिसम्बर) है।

स्वयं फ़ेस्टिवल के बैनर पर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए 25 जिलों में स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया। इनमें बच्चों का भी स्वस्थ परीक्षण और टीकाकरण हुआ।

राबर्ट्सगंज ब्लाक के हिन्दुआरी गाँव में चार दिसम्बर को हिन्दुआरी गाँव स्वयं मेला लगाया गया, जिसमें लगाए गए हेल्थ कैंप में कई कार्यक्रम किए गए। इन हेल्थ कैंप के जरिए गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण, स्वास्थ्य सम्बंधित जानकारी, बच्चों के स्वास्थ्य का परीक्षण, टीकाकरण, उम्र के हिसाब से वजन की जांच सम्बंधित कई और कार्यक्रम किए गए। स्वास्थ्य सम्बंधित जागरुकता फैलाने के लिए ग्रामीणों को सरकार की तरफ से चलाई जा रही कई योजनाओं से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व डाक्टरों ने परिचित कराया। इसके बाद बीमार लोगों को निशुल्क दावा भी बांटी गई।

जिलाधिकारी चन्द्रभूषण सिंह, पुलिस अधीक्षक लल्लन सिंह, डीपीआरओ व गाँव के विकास के लिए मददगार जिले के तमाम विभागों के अफसरों व कर्मचारियों ने अपनी हिस्सेदारी जताई।

सबसे ज्यादा उत्साह व डर एचआईवी परीक्षण में देखने को मिला। यूपीएन्टी प्लस संस्था ने एचआईवी परीक्षण निशुल्क किया। एचआईवी परीक्षण 178 लोगों ने कराया, जिसमें सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आई।

आज कैम्प में भारी मात्रा में लोगों ने अपना एचआईवी टेस्ट कराया, जिनमे ज्यादातर गर्भवती महिलाएं शामिल थी। हमारी टीम पांच मिनट में रिपोर्ट दे देती है।
डॉ दिनकर लाल (एचआईवी टेस्ट करने वाले)

नाम न छापने की शर्त पर एक गर्भवती महिला बताती है हमारे मंसवा (पति) तो काम के चक्कर में ज्यादातर बाहर ही रहत है इसीलिए हमने अपना एचआईवी टेस्ट कराया है।

उत्तर प्रदेश में एचआईवी संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। वर्ष 2008 तक प्रदेश में 50 हज़ार से कम लोग एचआईवी संक्रमित थे। 2012 में अनुमानित मरीजों की संख्या एक लाख आठ हजार जबकि 2015 में यह आंकड़ा बढ़कर एक लाख 22 हजार हो गया है। इनमें से 90,000 को चिन्हित कर उनका इलाज शुरू कर दिया गया है।

उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी से मिली जानकारी के मुताबिक देश में कुल 21 लाख संभावित लोग एचआईवी संक्रमण से पीडि़त हैं। उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (एनएसीओ) ने वर्ष 2015-16 में एक लाख 22 हज़ार लोगों को एचआईवी संक्रमण होने का अनुमान लगाया था, जिसमें यूपीएसएसीएस ने एचआईवी प्रभावित 90,000 लोगों को आईसीटीसी से चिह्नित कर लिया है।

राबर्ट्सगंज ब्लाक के हिन्दुआरी गाँव में स्वास्थ्य शिविर।

स्वस्थ मेले में डॉ सुषमा, अनुपम सिंह, शिवांगी मिश्रा, डॉ राजेंद्र प्रसाद, सीमा देवी, तबस्सुम की टीम ने लोगों का स्वस्थ परीक्षण किया।

स्वस्थ परीक्षण में 57 गर्भवती महिलाओं ने अपना परीक्षण कराया, जिनमें 20 ग्रामीण महिलाओं का टीकाकरण हुआ। 15 महिलाओं की खून की जांच हुई, जिनमे 11 महिलाओं में खून की कमी नहीं निकली, जबकि 3 महिलाओं में खून की कमी पाई गई है। जिनको तुरंत दवा और सिरप दिया गया।

एक सात माह की गर्भवती महिला ललिता सोनी के खून की जांच में अधिक मात्रा में खून की पाई गई, डॉकटरों की टीम ने ललिता को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराने व इलाज के लिए भेज दिया।

मुझे बहुत ज्यादा कमजोरी लग रही थी तो मैंने आज हेल्थ कैंप में अपना परीक्षण कराया। डॉ. साहब ने जांच के बाद बताया कि खून की कमी है। अस्पताल में भर्ती कराना होगा, फिर मुझे भर्ती होने के लिए अस्पताल भेज दिया है। डरते डरते ललिता ने कहा, मैं, बस ये ही चाहती हूं कि मेरा बच्चा ठीक रहे।
ललिता सोनी, गर्भवती महिलाएं (खून की कमी मिलने पर अस्पताल में भर्ती)

डॉ शिवांगी मिश्रा बताती है, 57 गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिसमें कई महिलाओं के स्वस्थ में खून की कमी, कुछ में आयरन की कमी कुछ में कमजोरी थी, जिनको परीक्षण के बाद दावा वितरित की गई। कई महिलाओं का टीकाकारण भी हुआ।

बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण में उनका वजन नाप गया और टीकाकरण भी हुआ। डॉ राजेंद्र सिंह बताते है, बच्चों का टीकाकरण के साथ-साथ स्वास्थ्य सम्बन्धित जानकारी भी दी गई। 26 बच्चों का वजन किया गया सात बच्चों का टीकाकरण हुआ। कुछ बच्चों की खून की जांच भी हुई।

This article has been made possible because of financial support from Independent and Public-Spirited Media Foundation (www.ipsmf.org).

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