ब्लू व्हेल गेम से बचने के लिए बच्चों को किया जा रहा जागरूक  

ब्लू व्हेल गेम से  बचने के लिए बच्चों को किया जा रहा जागरूक   ब्लू व्हेल गेम 

स्वयं कम्युनिटी जनर्लिस्ट

पीलीभीत। बच्चों, किशोरों और युवाओं के लिए ब्लू व्हेल गेम खतरनाक साबित हो रहा है। इस गेम से छात्रों को दूर रखने के लिए शासन ने स्कूलों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिस पर स्कूलों में छात्रों को इस गेम से ही नहीं बल्कि मोबाइल, लैपटॉप और कंप्यूटर से दूर रहने के लिए जागरूक किया जाने लगा है।

शासन के दिशा-निर्देश के बाद छात्रों को इस जानलेवा गेम से दूर रखने के लिए स्कूल प्रबंधन भी सक्रिय हो गए हैं। स्कूलों में छात्रों को ब्लू व्हेल गेम से दूर रहने के लिए जागरुक किया जा रहा है और उनका मानसिक स्तर बढ़ाने के लिए काउंसलिंग भी हो रही है। स्कूल में मोबाइल आदि लाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस गेम से अंजान अभिभावकों को भी स्कूल प्रबंधन ने पेरेंट्स मीटिंग में अपने बच्चों को फोन आदि से दूर रखने की जानकारी दी जा रही है।

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क्या है ब्लू व्हेल गेम

द ब्लू व्हेल गेम को 2013 में रूस के फिलिप बुडेकिन ने बनाया था। इस खेल में एक एडमिन होता है, जो खेलने वाले को अगले 50 दिन तक बताता रहता है कि उसे आगे क्या करना है। अंतिम दिन खेलने वाले को खुदकुशी करनी ही होती है और उससे पहले एक सेल्फी लेकर अपलोड भी करनी होती है। गेम खेलने वाले को हर दिन एक कोड नंबर दिया जाता है, जो हॉरर से जुड़ा होता है। इसमें हाथ पर ब्लेड से एफ 57 लिखकर उसकी फोटो अपलोड करने के लिए कहा जाता है।

इसके अलावा हर रोज के खेल के लिए एक कोड होता है, जो सुबह चार बजे ही ओपन हो सकता है। इस गेम का एडमिन स्काइप के जरिए गेम खेलने वाले से बात करता रहता है। हर टास्क के पूरा होने पर हाथ में एक कट लगाने को कहा जाता है और उसकी फोटो अपलोड करने को कहा जाता है। गेम का विनर उसे ही घोषित किया जाता है, जो अंतिम दिन जान दे देता है।

अधूरा गेम छोड़ने पर मिलती है धमकी

अगर किसी ने एक बार गेम खेलना शुरु कर दिया, तो वह उसे बीच में नहीं छोड़ सकता। एक बार गेम शुरू हो जाने पर गेम खेलने वाले का फोन एडमिन हैक कर लेता है, जिससे फोन की सारी डिटेल उसके कब्जे में आ जाती है। अगर कोई बीच में गेम छोड़ना चाहे तो एडमिन की तरफ से धमकी मिलती रहती है कि उसे या फिर उसके माता पिता को जान से मार दिया जाएगा।

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मरने वालों को बायोलॉजिकल वेस्ट बताता है गेम मालिक

यह गेम 2013 में रूस में बना था, लेकिन सुसाइड का पहला मामला 2015 में सामने आया था। इसके बाद गेम बनाने वाले फिलिप को जेल भेज दिया गया। जेल जाने के दौरान अपनी सफाई में फिलिप ने कहा था कि यह गेम समाज की सफाई के लिए है, जिन लोगों ने भी गेम की वजह से आत्महत्या की, वह बायोलॉजिकल वेस्ट थे।

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