गंदगी से निपटने के लिए कब होगी तालाबों पर सर्जिकल स्ट्राइक

गंदगी से निपटने के लिए कब होगी तालाबों पर सर्जिकल स्ट्राइकगहरा तालाब के निकट गंदगी बयां करती है कि यह बीमारियों का मुख्य कारण है। 

कम्यूनिटी जर्नलिस्ट: निखिल त्रिपाठी

तिर्वा/कन्नौज। इस समय डेंगू और चिकुनगुनिया को लेकर हायतौबा मची हुई है। मलेरिया का भी प्रकोप हावी है। कई लोग काल के गाल में समा चुके हैं, लेकिन जिस वजह से मच्छर पनपते हैं, उस ओर ध्यान किसी का नहीं है। जिसकी वजह से क्षेत्र में मच्छरजनित बीमारियां फैल रही हैं।

दोनों तालाबों में गंदगी का अंबार

नगर पंचायत क्षेत्र के दो पुराने तालाब हैं। एक गहरा तालाब, दूसरा कोतवाली के निकट। वर्तमान समय में इन दोनों ही तालाबों पर गंदगी हावी है। कूड़े के ढेर ने पहाड़ का रूप ले रखा है। साथ ही तालाबों की सफाई सालों से नहीं हुई है। बात अगर गहरा तालाब की हो तो यहां पर जलकुंभी बुरी तरह फैल चुकी है। टीलेनुमा कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। यहां से निकलने वालों को बदबू का सामना करना पड़ता है। तालाब की सफाई न होने से एक बार जानवर फंस गया था, जिसे बमुश्किल निकाला जा सका था।

कोतवाली परिसर में पहुंचता है तालाब का पानी

इसी तरह कोतवाली के निकट के तालाब का हाल है। यहां भी गंदगी है। लोगों के घरों का पानी यहां पहुंचता है। बरसात का पानी भी तालाब में जमा होता है, लेकिन तालाब से आगे नहीं बढ़ता है। इसका कारण आगे नाला न होना है। केवल कच्चा नाला खोद दिया जाता है, जो कुछ समय के लिए काम करता है। बाद में समस्या होती है कि तालाब का पानी घरों में घुसता है। हालत यह हो जाती है कि बरसात में तालाब का पानी कोतवाली परिसर में पहुंच जाता है, वहीं नालियों का पानी लोगों की दुकानों पर।

ऐसे में फैलती हैं बीमारियां

ऐसे में गंदगी की वजह से तमाम बीमारियां फैलती हैं। मच्छर भी गंदगी में पनपते हैं। जिसकी वजह से डेंगू, मलेरिया और चिकुनगुनिया का प्रकोप फैला है। गंदगी की वजह से ग्रीन तिर्वा, क्लीन तिर्वा का नारा मजाक लगता है। कूड़े के ढेर पानी में पहुंचने से र्दुगंध शुरू हो गई है। यह भी बीमारियां का रूप ले रहा है।

मवेशी भी पड़ते हैं बीमार

तालाब का पानी पीने से मवेशी भी बीमार हो जाते हैं। राधेश्याम का कहना है कि सड़क के पास कूड़े के ढेर से बदबू आती है। रामसिंह का कहना है कि नगर पंचायत को समय रहते बता दिया जाता है, लेकिन समस्या नहीं सुलझती। वहीं, फूलवती और रामप्यारी का कहना है कि गंदगी की वजह से मच्छर होते हैं, जो रात-दिन परेशान करते हैं। मोहनलाल ने भी कहा कि ग्रीन तिर्वा, क्लीन तिर्वा का नारा साकार होना चाहिए। इसमें सभी लोग सहयोग करें। इस बाबत नगर पंचायत में ईओ का चार्ज देखने वाले एसडीएम राजेश यादव के मोबाइल पर वार्ता की गई, लेकिन बैठक में होने की वजह से बात नहीं कर सके।

गंदगी से कई बीमारियां फैलती हैं। मच्छर भी गंदगी से होते हैं। गंदा पानी और कूड़े के ढेर पर मच्छर होते हैं और इससे ही डेंगू, मलेरिया और चिकुनगुनिया फैलता है। समय-समय पर फागिंग होनी चाहिए।
डॉ. दिलीप सिंह, सीएमएस, राजकीय मेडिकल कॉलेज, तिर्वा-कन्नौज

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