#स्वयंफेस्टिवल: अगर कोई मनचला करे छेड़खानी तो मिलाइये 1090

#स्वयंफेस्टिवल: अगर कोई मनचला करे छेड़खानी तो मिलाइये 1090शोहरतगढ़ के सेठ रामकुमार खेतान कन्या इंटर कॉलेज में छात्राओं को यूपी पुलिस की नई सेवाओं के बारे में बताते साइबर सेल से अतुल चौबे।

दीनानाथ/ कम्युनिटी रिपोर्टर (28 वर्ष)

स्वयं डेस्क

स्वयं फेस्टिवल: छठा दिन। स्थान: सेठ रामकुमार खेतान कन्या इंटर कॉलेज, शोहरतगढ़

सिद्धार्थनगर। "क्या आप 1090 के बारे में जानते हैं?" जब छात्राओं से यह सवाल पूछा गया तो बहुत कम ही हाथ ऊपर उठे, जो बोले हम जानते हैं। जब उनसे पूछा गया तो वह सिर्फ इतना बता सकीं कि महिलाओं के लिए कोई हेल्पलाइन है। जब उनसे पूछा गया कि किसलिए है, तो उन्हें अधूरी जानकारी थी। यह नजारा था जिले के शोहरतगढ़ स्थित सेठ रामकुमार खेतान कन्या इंटर कॉलेज का, जहां लड़कियों को महिला हेल्पलाइन 1090 के साथ यूपी पुलिस की और भी कई सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई। यह कार्यक्रम गाँव कनेक्शन के स्वयं फेस्टिवल के तहत आयोजित किया गया। बता दें कि गाँव कनेक्शन की चौथी वर्षगांठ के अवसर पर 2 से 8 दिसंबर तक 25 जिलों में मनाए जा रहे देश के सबसे बड़े ग्रामीण उत्सव स्वयं फेस्टिवल में 1000 कार्यक्रम किये जा रहे हैं।

महिलाओं के लिए यूपी पुलिस की हेल्पलाइन 1090

कॉलेज में कार्यक्रम के दौरान साइबर सेल से अतुल चौबे ने छात्राओं को बताया कि अक्सर महिलाओं के उत्पीड़न और लड़कियों से छेड़खानी जैसी घटनाएं सामने आती रहती हैं। इन घटनाओं को रोकने के लिए अखिलेश सरकार ने महिलाओं के लिए 1090 हेल्पलाइन बनाई है। इस हेल्पलाइन के जरिये कोई भी पीड़ित लड़की या महिला शिकायत दर्ज करा सकती है, जिस पर पुलिस त्वरित कार्रवाई करती है। इस दौरान लड़की का नाम भी गोपनीय रखा जाता है। इसलिए किसी भी लड़की को घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि उनकी मदद के लिए यूपी पुलिस की सेवा 1090 है, जो आज ऐसी लड़कियों के लिए उनकी ताकत बन चुका है। ऐसे में कोई मनचला आपसे छेड़खानी करे तो तुरंत 1090 मिलाइये।

यूपी पुलिस की टिवटर सेवा भी

वहीं, यूपी पुलिस के साइबर सेल से अजय चौबे ने यूपी पुलिस की टिवटर सेवा के बारे में बताया कि यूपी के 75 जिलों में कुल 122 टि्वटर हैंडल सक्रिय हैं। पुलिस टि्वटर से भी शिकायतें निपटा रही है। यूपी देश में पहला ऐसा राज्य है जहां टि्वटर का इस्तेमाल हर जिले में पुलिस महकमा कर रहा है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक शिकायत का एक कोड जनरेट होता है, जिसके आधार पर उनको ट्रैक किया जाता है। कम्प्यूटर के एक कमांड से सेकंडों में पता लगाया जा सकता है कि किस जिले द्वारा इसे प्रेषित किया गया और कितनी शिकायतों का कितने समय में निस्तारण किया गया। वहीं, आपातकालीन सेवा यूपी 100, साइबर क्राइम, ई-एफआईआर जैसी सेवाओं के बारे में बच्चों को जानकरी दी गई।

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