गोण्डा में #स्वयंफेस्टिवल में छात्राओं ने जाना 1090 पर शिकायत का तरीका

गोण्डा में #स्वयंफेस्टिवल में छात्राओं ने जाना 1090 पर शिकायत का तरीकाभारतीय इंटर कालेज में 1090 के सत्र में भाग लेतीं छात्राएं।

स्वयं डेस्क

स्वयं फेस्टिवल : दूसरा दिन। स्थान : गोण्डा के कटरा बाजार में स्थित भारतीय इंटर कॉलेज

गोण्डा में ग्रामीण उत्सव धूमधाम से मन रहा है। यहां यूपी पुलिस की डायल 100 सेवाओं, 1090 वुमेन पावर लाइन, महिला सम्मान प्रकोष्ठ आदि पर स्कूल-कालेजों में सत्र हो रहे हैं। गूगल साथी और पेटीएम की भी जानकारी दी जा रही है।

सप्ताह भर चलने वाले इस उत्सव में शनिवार को कहीं स्कूलों में बच्चों को शिक्षा, रोज़गार और आत्मरक्षा की जानकारी दी गई, तो गाँव में लोगों ने शौचालय और पेन्शन का पंजीकरण कराया।

यूपी पुलिस के प्रतिनिधियों ने छात्राओं को बताया कि 1090 पर शिकायत के दौरान सभी सूचनाएं एकदम गुप्त रखी जाती हैं। न पहचान जाहिर की जाती है न ही शिकायतकर्ता के बारे में कोई अन्य जानकारी। शिकायत मिलने के बाद सीधे फोन उस व्यक्ति के पास जाता है जिसके खिलाफ शिकायत हुई है। अगर वह नहीं मानता तो आगे की कार्रवाई होती है।

अफसरों ने बताया कि पावर लाइन 1090 में आने वाली शिकायतों के लिए इनकमिंग कॉल्स की लाइन बढ़ाई जा रही है। अब कॉल सेंटर में और ज्यादा कर्मचारी काम कर रहे हैं। पावर एंजिल बनाने के लिए लड़कियों को फार्म बांटे गए।

कार्यक्रम में यूपी पुलिस की सेवाओं की जानकारी दी गई।

वुमेन पावर लाइन-1090

उत्तर प्रदेश में महिला उत्पीड़न की घटनाओं को सख्ती से रोकने को प्रदेश सरकार ने वुमेन पॉवर लाइन 1090 की स्थापना की है| साल 2012 से यह सेवा निरन्तर कार्य कर रही है। महिला सशक्तीकरण की दिशा में वूमेन पॉवर लाइन ने अपनी एक अलग पहचान बनाई है।

वुमेन पावर लाइन 1090 सेवा को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए निमित्त वर्ष 2014 में “Women Security App 1090” सेवा भी प्रारम्भ की गई है। इस सेवा से महिलाओं व लड़कियों में सुरक्षा की भावना बलवती हुई है।

वुमेन पावर हेल्पलाइन नंबर 1090 की ताकत

एक राज्य, एक नंबर 1090 कोई भी पीड़ित महिला या उसकी महिला रिश्तेदार अपनी शिकायत इस नंबर पर नि:शुल्क दर्ज करवा सकती है। शिकायत करने वाली महिला की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है। पीड़िता को किसी भी हालत में पुलिस थाने या किसी आफिस में नहीं बुलाया जाएगा। हेल्पलाइन में हर हाल में महिला पुलिस अधिकारी ही पीड़िता की शिकायत दर्ज करेगी। महिला पुलिस कर्मी अपने वरिष्ठ पुरूष पुलिस कर्मियों को पीड़ित की केवल उतनी ही जानकारी या सूचना उपलब्ध करवाएगी, जो विवेचना में सहायक हो सके। कॉल सेंटर दर्ज शिकायत पर तब तक काम करता रहेगा जब तक उस पर पूरी कार्रवाई नहीं हो जाती।

गोण्डा वासियों को ऐसे मिल रही स्वयंफेस्टिवल की जानकारी।

डायल 100 के फायदे

1-अगर जंगली जानवर मसलन बाघ, भेड़िया आदि हमला कर दे तो इस सेवा पर मदद मांगने पर पुलिस तुरंत पहुंचेगी।

2-सांप, बंदर या कुत्ते के काटने पर तक डायल 100 से मदद मिलेगी।

3-यही नहीं अगर किसी भी आपदा में फंसे हैं तब भी पुलिस आपकी मदद करेगी।

4-डायल 100 में चौपहिया के साथ-साथ दो पहिया वाहन भी हैं जो घटनास्थल पर सूचना मिलने के भीतर 15 से 20 मिनट में पहुंचेंगे।

5-इस सेवा के वाहनों को जीपीएस और रेडियो सेट से लैस किया गया है जो घटनास्थल पर तुरंत पहुंचाएंगे।

6-जैसे ही कोई सूचना डायल 100 तक पहुंचेगी तो वह तत्काल पास के पुलिस थाने, अस्प्ताल, पशु बचाव केंद्र और स्थानीय नागरिक संस्था से संपर्क साधेगा और उन्हें घटनास्थल पर बुलाएगा।

7-सड़क दुर्घटना के मामले में अगर कोई डायल 100 पर खबर देता है तो पुलिस तत्काल पीड़ित को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था भी करेगी।

8-अगर कोई जंगली जानवर किसी गाँव या कस्बे में घुस आता है तो डायल 100 के जवान उस इलाके को तब तक सुरक्षा प्रदान करेंगे जब तक वहां वन विभाग के अफसर या कोई अन्य मदद नहीं पहुंच जाती है।

9-डायल 100 के जवानों को हर तरह के संकट से निपटने में सक्षम हैं, चाहे जंगली जानवर से सुरक्षा की बात हो या किसी आपदा में बचाव कार्य।

10-अमेरिका में 911 सेवा की शुरुआत इसलिए की गई थी कि अगर कोई भी किसी भी प्रकार के संकट में फंसा है तो वह इस नंबर पर डायल कर मदद मांग सकता है। 911 सेवा का काल सेंटर इस सूचना को संबंधित विभाग से साझा करता है और घटनास्थल तक तुरंत मदद पहुंचती है।

11-डायल 100 में शहरों में सूचना मिलने से घटनास्थल तक पहुंचने की समय सीमा दोपहिया के लिए दस मिनट और चौपहिया के लिए 15 मिनट है। गाँव में चार पहिया के लिए रिस्पांड टाइम 20 मिनट है।

12-इस परियोजना पर 2325.35 करोड़ रुपए का खर्च आया है। लखनऊ में मुख्यायल तो आगरा, गाजियाबाद, झांसी और वाराणसी में सहकेंद्र बनाए गए हैं।

13-3200 वाहन इस सेवा में लगे हैं। जिनमें 1600 बाइकें हैं।

14-डायल 100 पर सूचना फोन या संदेश दोनों माध्यम से दी जा सकती है।

भारतीय इंटर कालेज में डायल 100 के बारे में जानकारी लेते छात्र।

This article has been made possible because of financial support from Independent and Public-Spirited Media Foundation (www.ipsmf.org).

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