#स्वयंफेस्टिवल: ट्विटर के जरिये भी दर्ज कराएं पुलिस में शिकायत

#स्वयंफेस्टिवल: ट्विटर के जरिये भी दर्ज कराएं पुलिस में शिकायतसिद्धार्थनगर के माता प्रसाद जैसवाल इंटर कॉलेज में बच्चों को यूपी पुलिस की नई सेवाओं के बारे में जानकारी देते पुलिस अधिकारी।

स्वयं डेस्क/दीनानाथ (कम्युनिटी रिपोर्टर) 28 वर्ष

स्वयं फेस्टिवल: सातवां दिन। स्थान: माता प्रसाद जैसवाल इंटर कॉलेज, सिद्धार्थनगर।

सिद्धार्थनगर। यूपी पुलिस की ट्विटर सेवा भी है, जिसके जरिये कोई भी पीड़ित व्यक्ति अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। उत्तर प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है, जहां ट्विटर का इस्तेमाल पुलिस महकमा हर जिले में कर रहा है। ऐसे में पुलिस ट्विटर से भी लोगों की शिकायतों का निस्तारण कर रही है। यह कहना है पुलिस अधिकारी मनीष जयसवाल का। वह सिद्धार्थनगर के इटवा ब्लॉक स्थित माता प्रसाद जैसवाल इंटर कॉलेज में बच्चों को यूपी पुलिस की ट्विटर के बारे में जागरूक कर रहे थे। यह कार्यक्रम गाँव कनेक्शन के स्वयं फेस्टिवल के तहत आयोजित किया गया। बता दें कि गाँव कनेक्शन की चौथी वर्षगांठ के अवसर पर उत्तर प्रदेश के 25 जिलों में 2 से 8 दिसंबर तक स्वयं फेस्टिवल के तहत 1000 कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

ट्विटर सेवा की दी पूरी जानकारी

उन्होंने बच्चों को आगे बताया कि यूपी पुलिस की ‘ट्विटर सेवा’ राज्य के 75 जिलों समेत कुल 122 ट्विटर हैंडल सक्रिय रूप से जनता की सेवा के लिए मौजूद हैं। उत्तर प्रदेश भारत वर्ष में पहला ऐसा राज्य होगा, जिसमें ट्विटर सेवा का उपयोग पूरे राज्य के समस्त जिलों में पुलिस विभाग करता है। इसके पूर्व भारत वर्ष में बंगलौर सिटी पुलिस द्वारा एक सीमित क्षेत्र में ट्विटर सेवा लांच की गई है। उन्होंने आगे बताया कि प्रत्येक शिकायत का एक कोड जनरेट होगा जिसके आधार पर उनको ट्रैक किया जाएगा। कम्प्यूटर के एक कमांड से सेकेण्डों में पता लगाया जा सकेगा की किस जिले द्वारा इस मुख्यालय से प्रेषित की गई, कितनी शिकायतों का कितने समय में निस्तारण किया गया।

बच्चों ने यूपी 100 के बारे में भी जाना

इसके अलावा कॉलेज के बच्चों को यूपी पुलिस की हाल में शुरू हुई सेवा यूपी 100 के बारे में भी जानकारी दी गई। इस दौरान पुलिस अधिकारी हरीश चंद्र भारती ने बताया कि यूपी 100 यूपी पुलिस की आपातकाल हेल्पलाइन है। इस सेवा के जरिये अगर कोई पीड़ित व्यक्ति शिकायत करता है तो घटनास्थल पर पुलिस शहरों में 15 मिनट में और गाँवों में 20 मिनट के अंदर पहुंचेगी। इतना ही नहीं, इस सेवा के जरिये शिकायत करने वालों की सभी कॉल राजधानी लखनऊ के कम्प्यूटीकृत केंद्र में रिकॉर्ड होंगी, जहां से उस व्यक्ति की लोकेशन भी पता चल सकेगी। इसके अलावा यह पता चलेगा कि कितने समय में कितनी शिकायतों का निस्तारण किया गया। इसके अलावा बच्चों को यूपी पुलिस की अन्य सेवाएं ई-एफआईआर, साइबर क्राइम, वीमेन पॉवर लाइन 1090, महिला सम्मान प्रकोष्ठ के बारे में छात्रों को जानकारी दी गई।

जब बोले छात्र राजेश, सुमित और अभय

कार्यक्रम के बाद छात्र राजेश और सुमित ने कहा कि यूपी पुलिस की इन सेवाओं के बारे में हमें ज्यादा जानकारी नहीं थी। मगर इस कार्यक्रम के जरिये हमें कई महत्वपूर्ण जानकारी मिली हैं। उन्होंने हमें काफी आसान शब्दों में इन सेवाओं के बारे में समझाया। वहीं, छात्र अभय ने बताया कि इस कार्यक्रम के जरिये हमने पुलिस की कई हेल्पलाइन के बारे में जाना है। जरूरत पड़ने पर न सिर्फ हम सेवाओं का उपयोग करेंगे, बल्कि अपने परिजनों को भी इसकी जानकारी देंगे।

This article has been made possible because of financial support from Independent and Public-Spirited Media Foundation (www.ipsmf.org).

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