#स्वयंफेस्टिवल: महिला किसानों ने जाना, कैसे तैयार करें प्याज की नर्सरी

#स्वयंफेस्टिवल: महिला किसानों ने जाना, कैसे तैयार करें प्याज की नर्सरीमहिला किसानों ने किसान गोष्ठी में खेती-किसानी की कई जानकारी बटोरी।

उसका बाजार (बसावनपुर)। किसान जानकारी के अभाव में कई बार खेती में लागत तो लगा देते हैं, मगर समय आने पर उन्हें वह उपज नहीं मिल पाती है और उन्हें निराश होना पड़ता है। ऐसे में जरूरी है कि किसान पारंपरिक खेती को छोड़कर आधुनिक खेती की ओर ध्यान दें। आधुनिक खेती से किसान सही समय पर अच्छा उत्पादन उत्पन्न कर सकता है। यह जानकारी कृषि विशेषज्ञ नीतू सिंह ने ज़िला मुख्यालय से लगभग 15 किमी दूर दक्षिण दिशा में उसका बाजार ब्लॉक के बसावनपुर गाँव में महिला किसानों को दी। वह गाँव कनेक्शन की चौथी वर्षगांठ में 25 जिलों में 2 से 8 दिसंबर तक मनाए जा रहे स्वयं फेस्टिवल के कार्यक्रम किसान गोष्ठी में बोल रही थीं। बता दें कि स्वयं फेस्टिवल के तहत इस अंतराल में 1000 कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

जब शीला देवी ने पूछा सवाल

कृषि विशेषज्ञ नीतू सिंह ने किसान गोष्ठी के दौरान प्याज की उन्नत खेती के बारे में विस्तार से जानकारी दी। किसानों के कई सवालों के बीच शीला देवी ने प्याज की नर्सरी के बारे में नीतू सिंह से पूछा तो उन्होंने इस बारे में सभी किसानों को प्याज की नर्सरी के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि प्याज की खेती सभी प्रकार की भूमि में की जा सकती है, लेकिन उपजाऊ दोमट मिट्टी, जिसमें जीवांश प्रचुर मात्रा में हो और जल निकासी की सही व्यवस्था हो, वह भूमि इस खेती के लिए उत्तम है। इसके अलावा उन्होंने प्याज की किस्मों के बारे में भी बताया।

ऐसे लगाएं प्याज की नर्सरी

उन्होंने बताया कि पौध के लिये क्यारी ऐसे स्थान पर बनानी चाहिए, जहां पर सिंचाई और पानी के निकास का अच्छा प्रबंध हो। नर्सरी में पौध तैयार करने के लिए तीन मीटर लंबी और एक मीटर चौड़ी क्यारी भूमि से लगभग 15-20 सेमी ऊंची बना लेना चाहिए। नीतू सिंह ने बताया कि इस आकार की 50 क्यारियां एक हेक्टेयर में रोपी जा सकती हैं। इसके अलावा बीज बोने से पहले क्यारी की भलीभांति गुड़ाई करनी चाहिए। वहीं, क्यारी को समतल करने के बाद आठ से दस सेमी की दूरी पर 1.2 सेमी गहरी नालियाँ बनाकर क्यारी तैयार कर लेना चाहिए।

किसानों ने पूछे कई सवाल

किसान गोष्ठी के दौरान महिला किसानों ने कृषि विशेषज्ञ नीतू सिंह से खेती-किसानी से संबंधित कई सवाल पूछे। एक महिला किसान चंद्रावता के सवाल आलू को पाला से कैसे बचाएं, पर उन्होंने बताया कि इस समस्या से निपटने के लिए आलू की खेती में 10 से 15 दिनों में पोटाश का छिड़काव करना चाहिए। इससे काफी हद तक आलू में पाला पड़ने की समस्या को दूर किया जा सकता है।

महिला किसानों गाँव कनेक्शन को सराहा

कार्यक्रम में गाँव की महिला किसानों ने गाँव कनेक्शन की पहल का स्वागत किया और सराहा। उन्होंने स्वयं फेस्टिवल के तहत गाँव-गाँव तक ग्रामीणों के लिए जानकारी परक कार्यक्रम करने के लिए खूब सराहना भी की।

This article has been made possible because of financial support from Independent and Public-Spirited Media Foundation (www.ipsmf.org).

More Stories


© 2019 All rights reserved.

Top