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10 वर्ष बाद परिजनों को मिले वरासत शस्त्र लाइसेंस

10 वर्ष बाद  परिजनों को मिले वरासत शस्त्र लाइसेंसडीएम रायबरेली अनुज कुमार झा ने की एक ठोस कदम की शुरूआत

नीरज कुमार- कम्यूनिटी जर्नलिस्ट

स्कूल- बाल विद्या मंदिर

रायबरेली। अभी तक बड़ी जद्दोज़हद के बाद लोगों को मिलने वाले वरासत शस्त्र लाइसेन्स को सुलभता से जनता तक पहुंचाने के लिए डीएम रायबरेली अनुज कुमार झा ने एक ठोस कदम शुरू किया है।

इसी क्रम में जिलाधिकारी ने जिला बचत भवन में काफी समय से लंबित पड़े कार्यक्रम के अंतर्गत 36 व्यक्तियों को वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी करवा के वरासत शस्त्र लाइसेन्स वितरित किया।

वरासत शस्त्र लाइसेंस ऐसे लाइसेंस होते हैं, जो लाइसेंस धारक की मृत्यु के बाद उसके उत्तराधिकारी को मिलते हैं। वरासत शस्त्र लाइसेंस लेने के लिए व्यक्ति को जिला शस्त्र विभाग में शस्त्र संख्या और अपना पुराना लाइसेंस नंबर पंजीकृत कराना पड़ता है। वरासत शस्त्र लाइसेंस के लिए डीएम और एसएसपी की अनुमति लेना ज़रूरी होता है।

लोगों को लाइसेंस वितरित करते हुए जिलाधिकारी अनुज झा ने कहा, ''वरासत शस्त्र लाइसेन्स पाने वालों में से कई लोग ऐसे हैं, जिन्हें पिछले 10 वर्षों से इस लाइसेंस का इंतज़ार था। उनकी समस्या सुलझा दी गई है।" वरासत शस्त्र लाइसेन्स वितरण समारोह में डीएम के साथ-साथ पुलिस अधीक्षक विनय कुमार यादव मौजूद रहे।

This article has been made possible because of financial support from Independent and Public-Spirited Media Foundation (www.ipsmf.org)."

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