बच्चे गिरें या गर्भवती फिसलें, अपनी बला से

बच्चे गिरें या गर्भवती फिसलें, अपनी बला सेरास्ते में भरे कीचड़ में गिरे बच्चे को उठाते उसके परिजन। आवाज सुनकर जमा भीड़।

अंगूरी देवी, (उम्र 45 वर्ष)- कम्यूनिटी जर्नलिस्ट

ग्रीन महिला एकता समाज सेवा संस्थान

तिर्वा(कन्नौज)। जिला मुख्यालय से करीब 18 किमी दूर स्थित उमर्दा ब्लॉक क्षेत्र के त्रिमुखा गांव के वाशिंदे इस समय खासे परेशान हैं। कारण वहां विकास कार्यों का अभाव है, जिसकी वजह से बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

त्रिमुखा गांव निवासी उमेश कठेरिया का तीन वर्षीय पुत्र खेलते-खेलते मुख्य मार्ग पर पहुंच गया। अचानक वह कीचड़ में फिसल कर गिर पड़ा। उसके कपड़े और शरीर ही नहीं खराब हुआ, बल्कि उसके हल्की चोट भी लग गई। बच्चे की जोर-जोर से रोने की आवाज सुनकर आस-पास के लोग इकट्ठे हो गए। परिजन भी पहुंचते और बच्चे को बाहर निकाला गया।

गांव वालों को होती हैं दिक्कतें, आए दिन चोटिल होते लोग

गांव की सुषमा का कहना है कि कीचड़ में बच्चे का गिरना कोई नई बात नहीं है। आये दिन लोग गिरकर चुटहिल होते हैं या फिर वाहन भी फिसल जाते हैं। उन्होंने बताया कि गर्भवती महिलाएं जब जरूरी काम से बाहर जाती हैं तो उनको अधिक दिक्कतें होती हैं। गांव की ही मुन्नी देवी का कहना है कि गांव में विकास कार्य न होने से काफी दिक्कतें होती हैं। जनप्रतिनिधि भी वोट के लिए आते हैं। उनको जनता की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है। ग्रामीणों ने प्रधान से इस मामले में ध्यान देने की मांग की है। प्रधान ने बताया कि वह समस्या का जल्द से जल्द समाधान कराएंगे। बजट आते ही विकास कार्य तेजी से शुरू हो जाएंगे।

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