#स्वयंफेस्टिवल: गाँव में डॉक्टर आए तो हैरान रह गए पथरदेईया गाँव के लोग

#स्वयंफेस्टिवल: गाँव में डॉक्टर आए तो हैरान रह गए पथरदेईया गाँव के लोगस्वयं फेस्टिवल के तहत नेपाल सीमा से सटे पथरदेईया गाँव में पहुंचे डॉक्टर, स्वास्थ्य शिविर में सैकड़ों ग्रामीणों ने कराई अपनी जांच।

दीनानाथ (कम्युनिटी जर्नलिस्ट) 29 वर्ष

सिद्धार्थनगर। "हमारे गाँव में सालों बाद कोई डॉक्टर आया है। आज जब डॉक्टर को अपने गाँव आते देखा तो गाँव वालों को आश्चर्य हो रहा था। वरना हमारे गाँव में अगर कोई बीमार पड़ जाता है तो हमको 40 किमी दूर मरीज को दिखाने जाना पड़ता है।" यह कहना था गाँव की 70 वर्षीय ग्रामीण महिला सोमना देवी का। गाँव कनेक्शन की चौथी वर्षगांठ के अवसर पर उत्तर प्रदेश के 25 जिलों में 2 से 8 दिसंबर तक एक सप्ताह में हुए 1000 कार्यक्रमों में से एक कार्यक्रम इस गाँव में भी हुआ। इस गाँव का नाम है पथरदेईया गाँव, जो सिद्धार्थनगर के बढ़नी ब्लॉक में नेपाल सीमा से सटा हुआ है। स्वयं फेस्टिवल के तहत पथरदेईया गाँव में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया था।

100 से ज्यादा ग्रामीणों ने स्वास्थ्य शिविर का उठाया लाभ

शिविर में जांच करवाती 70 वर्षीय ग्रामीण महिला सोमना देवी।

स्वयं फेस्टिवल के तहत पथरदेईया गाँव में लगाए गए स्वास्थ्य शिविर का लाभ बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने उठाया। स्वास्थ्य शिविर में फार्मासिस्ट ज़रार अहमद, हेल्थ सुपरवाईजर राजकुमार और रामकिशन चौधरी, एएनएम वंदना यादव, गीता यादव, आँगनबाड़ी से नैना देवी शामिल हुए, जिन्होंने ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की। इतना ही नहीं, स्वास्थ्य शिविर में ग्रामीणों को नि:शुल्क दवाएं भी वितरित की गई। इस स्वास्थ्य शिविर में 100 से ज्यादा ग्रामीणों ने अपने स्वास्थ्य की जांच कराई। इसके अलावा डॉक्टर ने ग्रामीणों को निरोग रहने के बारे में भी सलाह दी।

गाँव कनेक्शन के स्वयं फेस्टिवल के जरिये हमें मौका मिला कि हम पथरदेईया गाँव तक पहुंच सके और ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की। ऐसे गाँव में हम सभी को आकर बहुत अच्छा लगा।
जरार अहमद, फार्मासिस्ट।

हमें अपने गाँव में किसी मरीज को डॉक्टर को दिखाने के लिए काफी दूर ले जाना पड़ता है। इतना ही नहीं, डॉक्टर से मिलने के भी लंबी-लंबी लाइन लगानी पड़ती है। ऐसे में गाँव कनेक्शन के स्वयं फेस्टिवल से यह मुमकिन हुआ कि हमारे गाँव में स्वास्थ्य शिविर लगा और ग्रामीणों ने इस स्वास्थ्य शिविर का लाभ उठाया।
वंदना यादव, ग्रामीण महिला, पथरदेईया गाँव।

शिविर में जांच करवातीं ग्रामीण महिला वंदना यादव।

This article has been made possible because of financial support from Independent and Public-Spirited Media Foundation (www.ipsmf.org).

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