एक बैठक के लिए तरस गया बाराबंकी का पंचायत भवन 

एक बैठक के लिए तरस गया बाराबंकी का पंचायत भवन बाराबंकी में पंचायत भवन पड़ा है उजाड़।

कम्यूनिटी रिपोर्टर: कविता द्विवेदी

त्रिवेदीगंज (बाराबंकी)। सरकार ग्रामीणों की सुविधाओं के लिए भले ही लाखों रुपए खर्च कर दे, लेकिन ग्रामीणों को किसी भी सुविधा का लाभ नहीं मिल पाता है। ब्लाक क्षेत्रों में क्षेत्र, ग्राम व न्याय पंचायत स्तर की किसी भी प्रकार की बैठक के लिए न्याय पंचायत घर बनाए गये, लेकिन देखरेख के अभाव में पंचायत भवनों का हाल बुरा हो चुका है।

पंचायत घर में लगा है कूड़े का ढेर

बाराबंकी जिला मुख्यालय से 45 किमी दूर स्थित ब्लाक त्रिवेदीगंज हैदरगढ़ के नरेन्द्रपुर मदरहा गाँव में पंचायत घर की स्थिति बहुत ही खराब है। देखरेख के अभाव में पंचायत घर में कूड़े का ढेर लग गया है। साफ-सफाई नहीं होने के कारण पंचायत भवन जंगल में तब्दील होता जा रहा है। सारे दरवाजे और खिड़की टूटे पड़े हैं और बिजली की वायरिंग भी निकाल दी है। चहारदीवारी भी पूरी तरह से गायब हो गयी है।

आज तक नहीं हुई एक भी बैठक

गाँव के निवासी शत्रुघ्न श्रीवास्तव (41 वर्ष) बताते हैं, "पंचायत भवन में आज तक कोई बैठक गाँव वालों के लिए नहीं हुई। यहां पर कोई भी साफ-सफाई के लिए नहीं आता है। ग्राम प्रधान कभी-कभी अपने लोगों के साथ यहां आकर बैठ जाते हैं।"

बिना प्रयोग के हो गया बदहाल

रमा देवी (35 वर्ष) बताती हैं, "गाँव के विकास की कोई भी जानकारी हम लोगों तक नहीं पहुंचती, सिर्फ गाँव के कुछ ही लोगों तक सीमित रहती है।" सुकवासा देवी (42 वर्ष) बताती हैं, "प्रधान न तो पंचायत घर की सफाई करवाते हैं और न ही वहां की व्यवस्था सही करवाते हैं। पंचायत घर के आगे गंदगी और उसके अन्दर बहुत सा जंगल और टूटे हुए दरवाजे और बिगड़ा हुआ नल है।" भवन बिना एक बार प्रयोग आए, बदहाली के कगार पर पहुंच गया है। भवन के अंदर गंदगी का अंबार लगा हुआ है।


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