जौनपुर के डार्क जोन ब्लॉकों में खुदेंगे तालाब 

Khadim Abbas RizviKhadim Abbas Rizvi   21 Jun 2017 12:06 PM GMT

जौनपुर के डार्क जोन ब्लॉकों में खुदेंगे तालाब प्रतीकात्मक तस्वीर।

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

जौनपुर। सिंचाई के लिए पूरी तरह से जमीन के नीचे के पानी पर निर्भरता से दिन-ब-दिन जलस्तर घट रहा है, जिसके चलते कई ब्लाक डार्क जोन में चले गए। जिले के 11 ब्लॉकों में किसानों को तालाब खुदवाने के लिए भूमि संरक्षण विभाग प्रेरित करेगा।

इसके लिए किसानों का आधा खर्च सरकार वहन करेगी और बाकी का किसानों को खुद वहन करना होगा। तालाब खुदवाने के लिए किसानों को स्वयं की जमीन देनी होगी। इसका मकसद गिरते जलस्तर को सुधारना और बरसात के पानी से सिंचाई के लिए किसानों को प्रेरित करना भी है।

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किसान इस वक्त पूरी तरह से जमीन के अंदर से पानी निकालकर खेती-किसानी करने लगे हैं। इससे लगातार जलस्तर नीचे जा रहा है। जो किसानों के साथ-साथ सरकार के लिए भी काफी चिंता का विषय बना हुआ है। जिन इलाकों में नहरें नहीं हैं और ऊंचाई का क्षेत्र है। वहां बारिश का पानी भी नहीं रुक रहा है और तालाबों की स्थिति किसी से छुपी नहीं है।

यही वजह है कि जिले के 21 ब्लॉकों में से महाराजगंज, बदलापुर, बक्शा, बरसठी, ढोभी, मुफतीगंज, करंजकला, सिरकोनी, सिकरारा समेत 11 ब्लॉक में वाटर लेवल बहुत ही नीचे चला गया है। इसके चलते इन ब्लॉक को डार्क जोन में रख दिया गया है।

ऐसे में किसानों को सिंचाई के लिए पानी की कमी न हो और जलस्तर में गिरावट न आए। इसके लिए भूमि संरक्षण विभाग शासन की मंशा के अनुरूप इन डार्क जोन ब्लाकों में किसानों को अपने खेतों में तालाब खोदवाने के लिए प्रेरित करने की तैयारी में है।

तालाब खुदवाने के लिए करीब एक लाख पांच हजार का खर्च आएगा। 48 फीसदी सरकार बाकी का 52 फीसदी किसानों को देना होगा। तालाब खुदने से किसान जहां बारिश के पानी से सिंचाई कर सकेंगे वहीं बिजली उत्पादन भी इससे किया जा सकेगा। एक तालाब से कम से कम एक पंपिंग सेट चलाया जा सकता है। इसके साथ ही जलस्तर भी सुधरेगा।

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इसके लिए किसानों प्रेरित किया जा रहा है। ब्लाक सिरकोनी के अरविंद कुमार (55 वर्ष) का कहना है, “तालाब खुदने से किसानों को फायदा मिलेगा, लेकिन सरकार जो आधा खर्च वहन करने की बात कह रही है। उसमें दिक्कत आती है।” वहीं ब्लाक बरसठी के निवासी विजय पाल (45 वर्ष) का कहना है, “मैंने अपने खेत में तालाब खुदवाने के लिए भूमि संरक्षण विभाग में संपर्क किया है।”

ये ब्लॉक हैं डॉर्क जोन में

महाराजगंज, बदलापुर, बक्शा, बरसठी, ढोभी, मुफतीगंज, करंजकला, सिरकोनी, सिकरारा व दो अन्य ब्लाक डार्क जोन में आते हैं।

ओंकार सिंह भूमि संरक्षण अधिकारी प्रथम, जौनपुर ने कहा कि जौनपुर में कुल 21 ब्लॉक है जो ब्लॉक डार्क जोन में हैं, वहां के किसानों को तालाब खुदवाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इससे जमीन के पानी से सिंचाई करनी की निर्भरता कम होगी और जल स्तर भी सुधरेगा।

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