प्राथमिक विद्यालय का शौचालय बना खंडहर

प्राथमिक विद्यालय का शौचालय बना खंडहरसीतापुर जिले के रामपुर मथुरा ब्लॉक के बहादुरगंज के प्राथमिक विद्यालय के शौचालय का हाल।

कम्युनिटी जर्नलिस्ट: पवन शर्मा

रामपुर मथुरा (सीतापुर)। एक ओर जहां हर वर्ष सरकार प्राथमिक विद्यालयों की साफ-सफाई और शौचालय निर्माण के लिए लाखों रुपए खर्च करती है, वहीं दूसरी तरफ इनकी बदहाल ज़मीनी हालत किसी से छिपी नहीं है।

किसी काम का नहीं शौचालय

सीतापुर जिले के रामपुर मथुरा ब्लॉक के बहादुरगंज के प्राथमिक विद्यालय की छात्राओं को खुले में शौच जाना पड़ रहा है। शौचालय तो बनाया गया है, लेकिन वो पूरी तरह से खंडहर हो गया है। गाँव के लवकुश शर्मा कहते हैं, "गाँव में अभी तक शौचालय नाममात्र के घरों में ही बने हैं और महिलाओं को खुले में शौच जाना पड़ता है, जो एक समस्या बनता जा रहा है। विद्यालय में तो शौचालय बना भी है, लेकिन किसी काम नहीं रह गया है।

अलग से कराया जाना था शौचालय का निर्माण

केन्द्र सरकार ने दो अक्टूबर 2014 को स्वच्छ भारत अभियान शुरू करने के बाद देश के प्रत्येक स्कूलों में छात्राओं के लिए अलग से शौचालय का निर्माण कराया जाना था, जिससे उनकी पढ़ाई में काई परेशानी न आ सके। लेकिन सरकारी स्कूल के शौचालयों की इस दशा से स्कूली छात्रों को शौचालय जाने में परेशानी हो रही हैं।

छात्राओं की है मजबूरी

पांचवी में पढ़ने वाली रश्मि कहती हैं, "हम लोगों को बाहर जाना पड़ता है, हम छात्राओं को तो परेशानी होती है, मैडम को भी बहुत परेशानी होती है। हम लोगों को खुले में जाना पड़ता है।" वो आगे कहती हैं, "सफाई कर्मचारी कभी नहीं आता है। गाँव का सारा गन्दा पानी जिस नाली से निकलता है वह कूड़े से पट गयी है तो पानी सड़क पर बहने लगता है और पर लोगों को गुज़र कर जाना पड़ता है।

This article has been made possible because of financial support from Independent and Public-Spirited Media Foundation (www.ipsmf.org).

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