गाँव में नहीं आती बिजली, कैसे करें पढ़ाई

गाँव में नहीं आती बिजली, कैसे करें पढ़ाईप्रतीकात्मक फोटो। साभार: गूगल

कम्यूनिटी जर्नलिस्ट: अनूप कुमार सिंह

उम्र- 19 वर्ष, कृष्ण कुमार इंटर कॉलेज, निगोही, शाहजहांपुर

शाहजहांपुर। “गाँव में बिजली की लाइन तो बिछी है, लेकिन गाँव में अभी तक बिजली नहीं आई है। शाम होते ही हमको पढ़ाई करने में दिक्कत आती है।।” ऐसा कहते हैं, 19 वर्षीय अनूप कुमार सिंह। अनूप शाहजहांपुर जिला मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर दूर निगोही ब्लॉक के मियांपुर गाँव के रहने वाले हैं। पिछले कई वर्षों से इस गाँव में बिजली नहीं आई। अचानक गाँव में बिजली की लाइन बिछनी शुरू हुई जिसके बाद लोगों में इस बात की खुशी थी कि अब उनको अंधेरे में रात नहीं काटनी पड़ेगी, मगर गाँव में अभी तक बिजली नहीं पहुंच सकी।

प्रधान से भी की शिकायत मगर

मियांपुर गाँव के विवेक कुमार (18 वर्ष) बताते हैं,’ दिन में स्कूल में रहते हैं और शाम को जब पढ़ने का समय आता है तो लाइट नहीं होती है। सर्दियों में सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। बिजली की हालत के बारे में ग्राम प्रधान से कहा, मगर उन्हें कोई भी फर्क नहीं पड़ता है। रात में बिजली न रहने से चोरी भी होती है गाँव में।’’

देश में बिजली संकट की समस्या गंभीर

केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय के मुताबिक देश के 30 राज्यों में से महज नौ राज्य (गुजरात, आंध्र प्रदेश, दिल्ली, गोवा, हरियाणा, केरल, पंजाब, कर्नाटक और तमिलनाडु) में ही पूरी तरह विद्युतीकरण हो पाया है। देश के कुल केंद्रीय राजस्व का 18 फीसद राशि बिजली उत्पादन और उसकी आपूर्ति पर खर्च किया जाता है। इसके बावजूद देश में बिजली संकट की समस्या गंभीर बनी हुई है।

इन गाँवों को मिली बिजली लेकिन...

दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (DDUGJY) के तहत देश भर के 174 गाँवों में पिछले हफ्ते (18 से 24 जुलाई, 2016) के बीच बिजली पहुंचाई गई। इनमें जिन गाँवों का विद्युतीकरण किया गया है, उनमें अरूणाचल प्रदेश के 12, मेघालय- 82, असम- 15, उत्तर प्रदेश-12, मिजोरम-03, झारखंड- 18, राजस्थान-03 , ओडिशा-11, बिहार- 15, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़ के एक-एक गाँव शामिल हैं, पर 1000 लोगों की आबादी वाले मियांपुर गाँव के लोगों को आज भी बिजली का इंतज़ार है।

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