समायोजन रद्द होने पर गोरखपुर में शिक्षामित्रों ने किया चक्का जाम 

Jitendra TiwariJitendra Tiwari   27 July 2017 11:11 AM GMT

समायोजन रद्द होने पर गोरखपुर में शिक्षामित्रों ने किया चक्का जाम गोरखपुर में शिक्षामित्र धरने पर  

जितेंद्र तिवारी/ अंबरीश राय, स्वयं कम्युनिटी जर्नलिस्ट

गोरखपुर। समायोजन रद्द होने के बाद शिक्षामित्र सड़क पर उतर आए हैं। वे जगह-जगह रास्ता जाम कर प्रदर्शन कर रहे हैं।गोरखनाथ मंदिर के गेट पर धरना पर बैठ गए हैं। वह सरकार से पुन: समायोजन करने की मांग कर रहे हैं।

बीते मंगलवार को सुप्रीमकोर्ट का सहायक शिक्षक के पद पर समायोजन रद करने का ऐतिहासिक फैसला आने के बाद प्रदेश भर के शिक्षामित्र आक्रोशित हो उठे। बुधवार को जगह-जगह आंदोलन शुरू हो गया। गोरखपुर में सैकड़ों शिक्षामित्र जुलूस निकालकर गोरखनाथ मंदिर जाने लगे। उनका कहना था कि वह मंदिर में ही धरना देंगे और मुख्यमंत्री तक अपनी बात पहुंचाएंगे। लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में गोरखनाथ पुल पर ही रोक लिया। ऐसे में शिक्षामित्र पुल पर ही बैठ गए।इसके बाद रास्ता पूरी तरह ब्लॉक हो गया।

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प्रदर्शनकारियों की मंशा को देखते हुए पुलिस ने धर्मशाला- गोरखनाथ मार्ग को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया। इसके चलते जगह-जगह जाम लग गया। लोग परेशान हो उठे। इसी दौरान पुल पर जाम लगाए शिक्षामित्र दूसरे रास्ते से मंदिर के गेट तक पहुंच गए और धरने पर बैठ गए। अब सभी शिक्षामित्र गेट पर ही जमे हैं। उनका कहना है कि उनके साथ अन्याय हुआ है। सरकार उन्हें फिर से संयोजित करे। जिला और पुलिस प्रशासन उन्हें समझाने में जुटी है। मौके पर दमकल भी पहुंच चुकी है। पुलिस प्रशासन अलर्ट है। शिक्षा विभाग में भी कुछ शिक्षामित्र बैठाये गए हैं। रास्ता ब्लॉक होने से आम जनता परेशान है।

सीएम योगी के पक्ष में प्रदर्शनकारी लगाते रहे नारा

सीएम योगी आदित्यनाथ के पक्ष में प्रदर्शनकारी नारा लगा रहे थे। उनका कहना है था कि अगर योगी मुख्यमंत्री नहीं होते, तब भी इस संकट की घड़ी में वह मंदिर ही आते। धरने पर बैठे शिक्षामित्र लगातार कर रहे नारेबाजी कर रहे थे। ताकि उन्हें राहत मिल सके। हालांकि गोरखनाथ मन्दिर प्रबन्धन की ओर से मुख्यमंत्री को स्थिति की जानकारी दे दी गई है। मुख्यमंत्री ने पुलिस प्रशासन को किसी तरह की सख्ती करने से मना किया है। इसके चलते पुलिस असमंजस में है। मुख्यमंत्री से मिले निर्देश के बाद मुख्य गेट से लोगों को आने जाने दिया जा रहा है। हालांकि गेट का उतना हिस्सा ही खोला गया है, जिससे एक बार में एक व्यक्ति ही जा सके। इस दौरान आधे घण्टे से तक मंदिर का मुख्य गेट बंद रहा।

मंदिर प्रबंधन के लोग पुलिस अधिकारियों के साथ प्रदर्शनकारियों को समझा रहे हैं। वहीं प्रदर्शन कारियों ने गोरखनाथ पुल पर भी जाम लगा दिया। बाद में स्थिति को संभालने के लिए पुलिस ने धर्मशाला- गोरखनाथ मार्ग बंद करा दिया। मुख्य मार्ग ब्लाक होने से गोरखनाथ क्षेत्र में हर जगह जाम लगा रहा। आवागमन पूरी तरह ठप हो गया था। तरंग, बबीना, अलीनगर मार्ग पर भी जाम की स्थिति देखने को मिली।

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बांसगाँव ब्लॉक के बांणा गांव निवासी सत्यव्रत पांडेय (40 वर्ष) ने बताया, “सरकार को हरहाल में शिक्षामित्रों का समायोजन करना होगी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने काफी उम्मीदें हैं।”

पाली ब्लॉक के डोहरियां गाँव निवासी सरोज पांडेय (38 वर्ष) ने बताया,“ शिक्षामित्रों ने सहायक अध्यापक बनने के लिए काफी संघर्ष किया है। सरकार को इसका ख्याल रखना चाहिए।”

गगहा ब्लॉक के चांडी निवासी सीमा राय (41 वर्ष) ने बताया बताया,“ शिक्षामित्रों के हित में कोर्ट व सरकार को पुन: विचार करने की जरूरत है। इससे शिक्षामित्रों का मनोबल गिरेगा। ”

गगहा ब्लॉक के नरायनपुर गाँव निवासी श्यामसुंदर प्रसाद (40 वर्ष) ने बताया,“ सरकार को पुन: शिक्षामित्रों का समायोजन बहाल करना चाहिए।”

मंदिर व जिला प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट से फैसला आने के बाद नाराज शिक्षामित्रों ने सुबह दस से नार्मल स्थित डायट केंद्र पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। दोपहर बाद अचानक उनका रूख मंदिर की ओर हो गया। मंदिर में दो बजे से लेकर शाम करीब साढ़े पांच बजे तक धरना चला। बाद में शिक्षामित्रों ने सीएम योगी को संबोधित ज्ञापन मंदिर प्रशासन व जिला प्रशासन को सौंपा।

इस दौरान प्रशासन के हाथ पांव फूलने लगे, पूरा शहर जाम से कराहने लगा। इस दौरान एडीएम सिटी रजनीश चंद, सिटी मजिस्टे्रट विवेक श्रीवास्तव, सीओ कोतवाली, एसओ गोरखनाथ सहित काफी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।

शिक्षामित्रों का धरना समाप्त हो गया है, कहीं से कोई दिक्कत नहीं हुई, हाँ गर्मी के चलते कुछ महिला शिक्षकों को दिक्कत हुई है, उन्हें तुरंत अस्पताल में भेज दिया गया है। शिक्षामित्रों ने अपनी मांगों से संबंधित सौंपा हैं, उनकी मांगों से शासन को अवगत करा दिया जाएगा।

- विवेक श्रीवास्तव, सिटी मजिस्टे्रट, गोरखपुर।

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