विश्व शौचालय दिवस: गाँव को खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए बच्चों ने निकाली रैली 

विश्व शौचालय दिवस: गाँव को खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए बच्चों ने निकाली रैली सिद्धार्थनगर के ग्राम पंचायत सेहरी में विश्व शौचालय दिवस के अवसर पर जागरूकता रैली निकालते बच्चे।

कम्यूनिटी जर्नलिस्ट: अभय श्रीवास्तव

इटवा (सिद्धार्थनगर)। अपने गाँव को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए बच्चों ने भी अभियान शुरु कर दिया है। तभी तो बच्चे सुबह उठ कर ही गाँव में स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए रैली निकालने लगे हैं। यही नहीं, खुले में शौच करने वाले लोगों पर सौ रुपए का जुर्माना भी लगाया जा रहा है।

सिद्धार्थनगर के इटवा ब्लॉक के ग्राम पंचायत सेहरी में प्राथमिक विद्यालय के बच्चों ने विश्व शौचालय दिवस के अवसर पर रैली निकालकर अपने बड़ों को खुले में शौच करने से होने वाले दुष्परिणाम के बारे में बताया। वहीं, गाँव में रहने वाले लोगों को खुले में शौच ना जाने के लिए जागरूक करने के लिए रोज़ाना गाँव के बच्चे एकजुट होकर रैली निकालते हैं, जिससे गाँव में खुले में शौच जाने की आदत बहुत कम हो चुकी है।

ग्राम पंचायत में शुरू हुई इस पहल के बारे में रमेश कुमार (35 वर्ष) बताते हैं, ''पूरे जिले में पंचायती राज विभाग के माध्यम से खुले में शौच मुक्ति का अभियान चलाया जा रहा है। पूरे इटवा के अंतर्गत आने वाले गाँवों को शौच मुक्त बनाने के लिए सभी गाँवों में महिलाओं, बुज़ुर्गों और बच्चों की टोलियां बना रहे हैं।''

गाँवों में बच्चों की टोलियां बनाकर लोगों के बीच फैलाए जा रहे इस जागरुकता कार्यक्रम में महिलाओं के साथ-साथ बच्चे भी खुले में शौच मुक्त गाँव, चलो शौचालय बनवाएं, बहू-बेटियां दूर ना जाएं, शौचालय घर पर बनवाएं जैसे पोस्टर लेकर अपनी टोलियां पूरी पंचायत में निकालते हैं। इतना ही नहीं, अगर गाँव का कोई भी व्यक्ति खुले में शौच जाता दिखता है तो उसे बीच रास्ते में रोक कर उसे दोबारा ऐसा करने से रोकते हैं।

This article has been made possible because of financial support from Independent and Public-Spirited Media Foundation (www.ipsmf.org).

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