अनोखी टीचर: खेल-खेल में बच्चो को देती हैं शिक्षा

गुजरात के अरावली जिले के एक सरकारी स्कूल में एक ऐसी टीचर हैं जो बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा देती हैं। बच्चों को इस तरीके की पढ़ाई में इतना मजा आता है कि वह रविवार को छुट्टी के दिन भी स्कूल आने की जिद करते हैं

Ankit Chauhan

Ankit Chauhan   3 July 2019 10:26 AM GMT

अरावली (गुजरात)। सरकारी स्कूलों में लोग अपने बच्चों को पढ़ाना नहीं चाहते हैं, उनका मानना होता है कि इन स्कूलों में अच्छी पढ़ाई नहीं होती है। लेकिन सरकारी स्कूल में कुछ ऐसे टीचर हैं जो बच्चों को अनोखे तरह से पढ़ाते हैं। उनके पढ़ाने के तरीके को बच्चे भी बेहद पसंद करते हैं।

खेल-खेल में बच्चों को देती हैं शिक्षा

गुजरात के अरावली जिले के एक सरकारी स्कूल में एक ऐसी टीचर हैं जो बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा देती हैं। बच्चों को इस तरीके की पढ़ाई में इतना मजा आता है कि वह रविवार को छुट्टी के दिन भी स्कूल आने की जिद करते हैं। शिक्षिका भावना बेन पटेल का बच्चों को पढ़ाते हुए एक वीडियो की सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है। सोशल मीडिया पर यह वीडियो लगातार वायरल हो रहा है।

भावना बेन पटेल अरावली के केनपुर कंपा गांव के सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं। वह कहती हैं कि " मुझे बच्चों के प्रति बेहद लगाव है। बच्चे ज्यादा से ज्यादा स्कूल आए इसलिए मैं सुबह प्रेयर के बाद क्लासरूम में स्वागत करती हूंं। बच्चे इससे काफी खुश होते हैं और ज्यादा संख्या में स्कूल आते हैं।

यूट्यूब से वीडियो देख कर ली प्रेरणा

भावना बेन पटेल के नए तरीके से बच्चों को पढ़ाने के बारे में बताती हैं, "मैंने छुट्टियों के दौरान यूट्यूब पर पढ़ाई से जुड़ी कुछ वीडियो देखी। मैंने देखा कि उन वीडियो में बच्चे के साथ किस तरह पेश आया जाता है। वहां से मैंने अपने स्कूल में भी बच्चों को पढ़ाने में वही तरीका अपनाया।

वह बताती हैं कि इससे पहले स्कूल को स्वच्छता के लिए पुरस्कार भी मिल चुका है। बच्चों को पालतु जानवरो से भी लगाव है इसलिए स्कूल में पालतू जानवर भी पाले जाते हैं।

ये भी पढ़ें- 48 फीसदी किसान परिवार नहीं चाहते उनके बच्चे खेती करें: गांव कनेक्शन सर्वे

रविवार को भी स्कूल आने की जिद करते हैं बच्चे

स्कूल की छात्र रोशनी कहती हैं "हमें हमारी टीचर बहुत अच्छी लगती है। हम जब स्कूल आते है तो प्रार्थना के बाद हमारी टीचर नई-नई स्टोरी सुनाती हैं। हम उनको बहुत प्यार करते हैं। वह ताली देती हैं, हाथ मिलाती हैं और हमारा स्वागत करती हैं। स्कूल में इस तरह का वातावरण है कि हम रविवार को भी स्कूल आना चाहते हैं। मैडम हम बच्चों को प्यार करती हैं इसलिए हम कभी छुट्टी नहीं लेते हैं।"

पूर्व प्रधानमंत्री गुलजारी लाल नंदा के हाथों हुआ था स्कूल का उद्घाटन

केनपुर कंपा गांव के इस सरकारी स्कूल का उद्घाटन पूर्व प्रधानमंत्री गुलजारी लाल नंदा के हाथों हुआ था। क्षेत्र के लोगों में इस स्कूल की खास अहमियत है। लोग बताते हैं इस स्कूल में पढ़े हुए बच्चे आज विदेशों में नौकरी कर रहे हैं। इस स्कूल से कई डॉक्टर और इंजीनियर निकले हैं।

ये भी पढ़ें- दिव्यांग बच्चों का भविष्य गढ़ने का काम कर रही है, गुजरात की यह महिला

स्कूल के ही शिक्षक पंकज सोलंकी कहते हैं कि हम बच्चों को इनोवेटिव तरीके से पढ़ाने की कोशिश करते हैं। बच्चों के विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार के सभी कार्यक्रम को अच्छे से लागू करते हैं। बच्चों के मानसिक विकास को इससे बेहद फायदा मिलता है।

गांव के सरपंच धर्मेश पटेल पटेल बताते हैं, "स्कूल का निर्माण अंबालाल पटेल, खीजाभाई पटेल, भाईलालभाई पटेल ने करवाया और बाद में इसे सरकार को दे दिया। स्कूल के सभी टीचर बच्चों को पढ़ाने के लिए काफी उत्साहित रहते हैं। बच्चों को भी इन टीचरों से पढ़ने में काफी मजा आता है।"

More Stories


© 2019 All rights reserved.

Top