‘पेड़ों को नहीं बचाया तो जीने के लिए खरीदनी पड़ेगी ऑक्सीजन’

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लखनऊ। बिज़नेस चैंबर पीएचडी चेंबर ऑफ़ कॉमर्स ने गुरुवार को लखनऊ में ग्रीन बैंकिंग समिट का आयोजन किया। इस समिट में बैंकिंग, इंफ्रास्ट्रक्टर, इश्योरेंस और एग्री सेक्टर के दिग्गजों के अलावा उत्तर प्रदेश सरकार के कौशल विकास मंत्री अभिषेक मिश्रा और एपीसी प्रवीर कुमार ने भी शिरकत की। ग्रीन बैंकिंग समिट का मकसद किसानों के साथ-साथ आम लोगों को जल संचयन, पर्यावरण संरक्षण और बढ़ते प्रदूषण पर लगाम कसने के तरीके सिखाना था। 

समिट में उत्तर प्रदेश के कृषि उत्पादन आयुक्त प्रविर कुमार ने कहा, ‘’हम गाँवों से लेकर शहरों तक लोगों को पर्यावरण संरक्षण और जल संचयन के महत्व को समझा रहे हैं। हमने किसानों से अपील की है कि वो जल संचयन के तरीके सीखकर अपनी ज़रूरत का पानी इकट्ठा करें। हम आम लोगों को भी समझा रहे हैं कि वो ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाएं और रोज़मर्रा के कामों के लिए कागज के इस्तेमाल को कम तवज्जो दें। यूपी सरकार लगातार कोशिश कर रही है कि वो किसानों के साथ-साथ आम नागरिकों को भी कार्बन एमिशन, पेपर लेस ऑफिस और वॉटर हारवेस्टिंग के गुर सिखाए।’’ 

उत्तर प्रदेश सरकार के कौशल विकास मंत्री अभिषेक मिश्रा ने कहा, ‘’पर्यावरण को बचाने की ज़िम्मेदारी सिर्फ एक आदमी की नहीं है। देश के हर नागरिक बल्कि यूं कहें कि दुनिया के हर नागरिक को इसके लिए आगे आना होगा। इसके लिए एक खास तरह की सोच विकसित करने की ज़रूरत है ताकि एक साझा कोशिश के ज़रिए हम अपने आसपास के पर्यावरण के साथ-साथ पूरी दुनिया को प्रदूषण से बचा सकें। अभिषेक मिश्रा ने कहा, ‘’कार्बन एमिशन कम करने के सबसे ज़रूरी चीज़ है कि हम सब प्रण करें कि बिजली का बेकार इस्तेमाल नहीं करेंगे, पर्यावरण को प्रदूषित नहीं करेंगे, ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाएंगे और साथ ही हर किसी को पर्यावरण और प्रकृति को बेहतर करने की अहमियत समझाएंगे। अगर पेड़ों को नहीं बचाया गया तो आने वाले समय में ऑक्सीजन खरीदनी पड़ सकती है।’’

ग्रीन बैंकिंग को बढ़ावा दे रही आरबीआई

रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया के रीजनल डायरेक्टर अजय कुमार ने कहा, ‘’रिज़र्व बैंक काफी पहले ही ग्रीन बैंकिंग को बढ़ावा देने के काम में लगा हुआ है। रिज़र्व बैंक अपने ज्यादातर दफ्तरों में सोलर लाइट्स का इस्तेमाल कर रहा है। इसके अलावा आरबीआई ने बैंकों को भी ये मशविरा दिया है कि बैंकिंग ट्रांजैक्शन के लिए वो कम से कम कागज का इस्तेमाल करें। अजय कुमार ने कहा कि पहले रिज़र्ब बैंक खराब नोटों को जला दिया करता था।

कागज की उपयोगिता खत्म करनी चाहिए

पीएचडी चेंबर ऑफ़ कॉमर्स के रीज़नल डायरेक्टर आरके सरन ने कहा, ‘’सिर्फ़ बैंकिंग सेक्टर ही क्यों ग्रीन इनिशिएटिव हर सेक्टर में होना चाहिए। सरकारी विभागों से लेकर मंत्रालयों तक हर किसी को हर कहीं काम करने के लिए कागज की उपयोगिता खत्म कर देनी चाहिए। इससे न सिर्फ़ पेड़ों का कटान रुकेगा बल्कि पर्यावरण का को संरक्षण भी मिलेगा।’’   

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