यूपी में लघु और मध्यम उद्योग में निवेश करने की राह की आसान

Neeraj TiwariNeeraj Tiwari   3 Oct 2016 9:13 PM GMT

यूपी में लघु और मध्यम उद्योग में निवेश करने की राह की आसानसोमवार को नए सचिवालय के उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व अन्य मंत्रिगण। फोटो: महेंद्र पांडेय

मुख्य संवाददाता

लखनऊ। सोमवार को मुख्यमंत्री अखिहलेश यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक का आयोजन किया गया। मंत्रिपरिषद में फेरबदल के बाद यह पहली कैबिनेट बैठक बुलाई गई थी। नए सचिवालय भवन में इसे संपन्न किया गया। इस दौरान लघु एवं मध्यम उद्योग स्थापित करने की राह को आसान कर दिया गया है। इसके तहत अब निवेश करने वालों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम को लागू करने का फैसला लिया गया है।

उद्यमियों की राह ऐसे होगी आसान

फैसले के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए जारी की प्रेस रिलीज में बताया गया है कि अब प्रदेश में लघु एवं मध्यम उद्योगों की स्थापना के लिए कॉमन एप्लीकेशन फॉर्म पर आधारित ऑनलाइन एकल मेज व्यवस्था (निवेश मित्र) की सुविधा उपलब्ध कराया जाएगा। उद्यमियों के प्रति पारदर्शिता को अपनाते हुए विभिन्न विभागों के लिए तय समय में कार्रवाई करने के भी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। इस व्यवस्था के प्रभावी संचालन तथा समस्याओं के निराकरण के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक राज्य स्तरीय समिति गठित की जाएगी। इस नीति में प्लांट एवं मशीनरी में पूंजी निवेश 25 लाख रुपए से 10 करोड़ रुपए तक करने वाली इकाइयों द्वारा भी इस फॉर्म तथा टेम्पलेट का प्रयोग जरूरतों के मुताबिक किया जाएगा। हालांकि, सर्वनिष्ठ आवेदन पत्र की व्यवस्था आबकारी विभाग पर प्रभावी नहीं होगी।

मत्स्य उत्पादन को ऐसे देंगे बढ़ावा

कैबिनेट ने ‘तालाबों की मत्स्य उत्पादन क्षमता का विकास योजना’ को भी मंजूरी दे दी है। तालाबों की मत्स्य उत्पादन क्षमता का विकास योजना के अंतर्गत एक हेक्टेयर के तालाब पर 10 प्रतिशत का जल क्षेत्र अर्थात 0.1 हेक्टेयर नर्सरी स्थापना हेतु आरक्षित रखा जाएगा। 0.1 हेक्टेयर की नर्सरी में 50 हजार जीरा आकार के मत्स्य बीज संचय व पोषण कर 10 से 15 हजार बड़े आकार के मत्स्य अंगुलिका का उत्पादन किया जाएगा। इस फैसले का लक्ष्य एक हेक्टेयर तालाब में 40 से 50 कुन्तल प्रति हेक्टेयर मछलियों का प्रति वर्ष उत्पादन करना है। इसके लिए वर्ष 2016-17 में राज्य पोषित नवीन योजना के रूप में 187.50 लाख रुपए का बजट प्राविधान किया गया है।

हर साल करेंगे अंतरराष्ट्रीय साइकिल रैली

- आगरा से इटावा स्थित बब्बर शेर प्रजनन केन्द्र एवं लायन सफारी तक बनाए जा रहे साइकिल हाईवे पर हर साल वन विभाग द्वारा अंतरराष्ट्रीय साइकिल रैली का आयोजन करना तय किया गया है।

1. लायन सफारी पर भी नजरें इनायत

बब्बर शेर प्रजनन केन्द्र एवं लायन सफारी में विकसित की जा रही सुविधाओं के संचालन हेतु विश्वस्तरीय एजेन्सी की नियुक्ति हेतु कंसल्टेन्ट के चयन के लिए बनाई गई योजना को मंजूर किया।

2. खेल एकेडमी करेंगे विकसित

- राज्य में निजी सहभागिता से खेल एकेडमी को विकसित करने की नीति बनाने का निर्णय लिया गया है। इनडोर गेम्स के लिए एक से दो एकड़ तक एवं आउटडोर खेलों के लिए तीन से पांच एकड़ तक भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। मान्यता प्राप्त खेलों में प्रत्येक खेल के लिए अधिकतम एक अकादमी विकसित करने के लिए भूमि उपलब्ध कराएंगे। भूमि का आवंटन का निर्धारण मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा किया जाएगा। साथ ही, खेल विभाग द्वारा भूमि लीज पर देना भी तय किया गया है।

3. खेल अध्यापक होंगे विनियमित

- गुरू गोविंद सिंह स्पोट्र्स कॉलेज, वीर बहादुर सिंह स्पोट्र्स कॉलेज एवं सैफई स्पोट्र्स कॉलेज के खेल अध्यापकों एवं सहायक खेल अध्यापकों को विनियमित करने का भी निर्णय लिया गया है। इसके तहत वही खेल शिक्षक प्रभावित होंगे जिनकी आयु 40 वर्ष से अधिक हो चुकी हो। साथ ही, उक्त कॉलेज में छह वर्ष की सेवा दे चुके होंगे।

4. अराजपत्रित पुलिसकर्मियों को तोहफा

- कैबिनेट ने डायल-100 परियोजना में तैनात करने वाले अराजपत्रित पुलिसकर्मियों को प्रोत्साहन के रूप में मानदेय प्रदान किए जाने तथा वाहन चालक के रूप में तैनात किए जाने वाले होमगाड्र्स को ड्यूटी भत्ता व मानदेय के भुगतान सम्बन्धी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके तहत अराजपत्रित पुलिस कर्मियों-निरीक्षक व उप निरीक्षक को 2500 रुपए प्रतिमाह तथा मुख्य आरक्षी व आरक्षी को 2000 रुपए प्रतिमाह का मानदेय दिया जाएगा। इस परियोजना में वाहन चालक के रूप में तैनात होने वाले होमगाड्र्स को ड्यूटी भत्ते के रूप में 300 रुपए तथा दैनिक मानदेय के रूप में 150 रुपए देने का फैसला लिया गया है।

5. यूपी के अधिष्ठानों में जमाकर्ता को मदद

कैबिनेट ने उप्र अधिष्ठानों में जमाकर्ताओं के हित को सुरक्षा देते हुए क्षेत्रीय कार्यालय बनाना तय किया है। इसके लिए जिला न्यायालय गौतमबुद्धनगर, इलाहाबाद तथा लखनऊ में माननीय मुख्य न्यायाधीश की मंजूरी से स्पेशल कोर्ट को नामित कराया जाएगा। नोएडा तथा लखनऊ में क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित किए जाएंगे। विशेष न्यायालय गौतमबुद्धनगर से सहारनपुर, मुरादाबाद, मेरठ, आगरा, अलीगढ़, झांसी एवं बरेली मण्डल, इलाहाबाद न्यायालय से इलाहाबाद, वाराणसी, विन्ध्याचल, चित्रकूट एवं कानपुर, तथा न्यायालय लखनऊ से लखनऊ, देवीपाटन, बस्ती, गोरखपुर, आजमगढ़ एवं फैजाबाद मण्डल सम्बद्ध रहेंगे।


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