लखीमपुर खीरी से पहले भी कई शहरों में दंगे करवा चुके हैं वायरल वीडियो

Rishi MishraRishi Mishra   3 March 2017 1:03 PM GMT

लखीमपुर खीरी से पहले भी  कई शहरों में दंगे करवा चुके हैं वायरल वीडियोआपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के बाद लखीमपुर खीरी में हुआ विवाद।

लखनऊ। कुछ सिरफिरे युवकों की कारस्तानी से लखीमपुर जैसे शांतिप्रिय जिले में विवाद हो गया। इससे पहले भी यूपी समेत देश के कई शहर इन्हीं वीडियो के चलते हिंसा की आग में झुलस चुके हैं। हालांकि ऐसे में मामलों के ज्यादातर आरोपियों को पकड़ा गया है। लखीमपुर केस में भी पुलिस आरोपियों पर एनएसए के तहत कार्रवाई शुरु की है।

1990 में राम मंदिर-बाबरी मस्जिद आंदोलन के दौरान कुछ संस्थाओं ने वीडियो कैसेट अवैध रूप से बाजार में उतारे थे। उस दौरान देश भर में हुए दंगों के पीछे कहीं न कहीं इन वीडियो कैसेट का बहुत बड़ा योगदान भी था। इनमें दिखाए उत्तेजक और हिंसक दृश्यों के चलते भी कई हिंसा हुई थी।

अयोध्या से पहले 1989 में मंडल कमीशन के दौरान आरक्षण विरोधी आंदोलन में भी ऐसे ही कैसेट ने जम कर हिंसा भड़काई थी। तब आत्मदाह करने वाले छात्रों की संख्या इन कैसेट के चलते बहुत बढ़ी थी। मगर इसका स्वरूप बदल गया है।

इससे पहले 1989 में मंडल कमीशन के दौरान आरक्षण विरोधी आंदोलन में भी ऐसे ही कैसेट ने जम कर हिंसा भड़काई थी। तब आत्मदाह करने वाले छात्रों की संख्या इन कैसेट के चलते बहुत बढ़ी थी। मगर इसका स्वरूप बदल गया है। खासतौर पर उत्तर प्रदेश में वायरल वीडियो के चलते सांप्रदायिक तनाव फैल रहे हैं। कोई युवक धर्मांध टिप्पणी वीडियो पर करता है, और उससे प्रभावित होकर एक पूरा शहर दंगे की आग में जलने लगता है।

लखीमपुर में एक वायरल वीडियो की वजह से दंगा हुआ और धारा 144 लगा दी गई। एक व्यक्ति को गोली लगी। यूपी में पिछले दो साल के भीतर आधा दर्जन से अधिक जिलों में दंगे ऐसे ही वीडियो की वजह से हो चुके हैं। किस तरह से वायरल वीडियो करा रहे हैं दंगा और भड़काई जा रही हैं धार्मिक भावनाएं।

इसी हफ्ते कुछ इसी तरह से खुर्जा में भी बवाल हुआ था। दो दिन पहले खुर्जा जिले में भी ऐसे ही दो सांप्रदायिक टिप्पणियों वाले वीडियो वायरल किये गये थे, जिसके बाद में आरोपी रिहान को खुर्जा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। मगर इससे पहले अच्छा खासा सांप्रदायिक तनाव फैल चुका था। खुर्जा ही नहीं बिजनौर, अमरोहा, मुजफ्फरनगर, शामली और अन्य जिलों में भी इस तरह के सांप्रदायिक तनाव पिछले एक साल में हो चुके हैं।

“आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने वालों पर लगेगा एनएसए”

आईजी जोन लखनऊ ने कहा कि लखीमपुर में सांप्रदायिक तनाव के बाद अब शांतिपूर्ण स्थिति है। यहां हालात सामान्य हैं। उन्होंने कहा है कि आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे। उन पर नेशनल सिक्योरिटी एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

लखीमपुर में शांति समिति की बैठक में शामिल सभी धर्मों के लोगों ने की सख्त कार्रवाई।

शांति समिति की बैठक में सबने एक सुर में की निंदा

लखीमपुर खीरी। गुरुवार शाम लखीमपुर जैसे शांत शहर में एक धार्मिक वीडियो वायरल होने के बाद भड़की हिंसा के बाद कई इलाकों में कर्फ्यू लागू है। इसी बीच प्रशासन के साथ ही सभी धर्मों के लोग शहर में शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए एक साथ आए हैं। डीएम आवास पर हुई पीस कमेटी की बैठक में जिले के सभी धर्मों के लोग शामिल हुए। दोनों धर्मों के धर्मगुरु, स्थानीय नेता, और अमन पसंद लोगों ने डीएम, एसएसपी, एसपी, आईजी सतीष गणेश और डीआईजी प्रवीण कुमार के साथ कमिश्नर भुवनेश कुमार भी मौजूद रहे।

इस बैठक में दोनों धर्मों के लोगों ने एक सुर में फसाद फैलाने के प्रकरण की निंदा की और आरोपी पर सख्त कार्रवाई करने की बात कही। कमिश्नर भुवनेश कुमार ने दोनों समुदायों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि हालात नियंत्रण में हैं।

बैठक में शामिल कमिश्नर और आईजी समेत वरिष्ठ अधिकारी और नागरिक शामिल हुए।

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