आरबीआई ने कैश निकालने में दी छूट, एक दिन में निकाल सकेंगे 24 हजार से ज्यादा रुपये

Arvind ShukklaArvind Shukkla   29 Nov 2016 9:43 AM GMT

आरबीआई ने कैश निकालने में दी छूट, एक दिन में निकाल सकेंगे 24 हजार से ज्यादा रुपयेतस्वीर साभार- इंडिया वेबसाइट

नई दिल्ली। नोटबंदी के बाद आम आदमी के लिए राहत की खबर है। भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंक से कैश निकालने के नियमों में कुछ शर्तों के साथ छूट दे दी है। इसके तहत आरबीआई ने बैंकों को आदेश दिए हैं कि वो लोगों को 500 और 2000 के नोटों में पैसा निकालने की सुविधा दें।

आरबीआई ने ये साफ किया है कि मौजूदा करेंसी के चलन को बढ़ाने के लिए वो लोगों को ज्यादा कैश निकालने की सुविधा दे रहा है। लेकिन आप लीगल नोटों में जितना जमा करेंगे, उतना ही निकाल सकेंगे। अगर 1000-500 के पुराने नोटों में पैसा जमा करा रहे हैं तो एक हफ्ते में 24 हजार रुपए निकालने की लिमिट कायम रहेगी। RBI के मुताबिक, कैश विदड्रॉअल पर बंदिशें होने के चलते लोग नए नोटों को जमा नहीं कर रहे थे। इससे नए नोटों का बाजार में नॉर्मल सर्कुलेशन कायम नहीं हो पा रहा था। इसलिए यह राहत दी जा रही है। अभी बैंकों से आप 24,000 रुपये एक हफ्ते में अधिकतम निकाल सकते हैं और एक दिन में अधिकतम 10,000 रुपये निकाल सकते हैं। इसके अलावा एटीएम से आप एक दिन में ज्यादा से ज्यादा 2500 रुपये तक निकाल सकते हैं।

नोटबंदी के दौरान जमा हुए 8,11,033 करोड़ रुपये

नई दिल्ली। नोटबंदी के 19वें दिन भारतीय रिजर्व बैंक ने 500-1000 के जो नोट बंद किए उसका जो प्रभाव पड़ा है वो बताया है। आरबीआई के मुताबिक नोटबंदी का ऐलान होने के बाद 10 नवंबर से 27 नवंबर के बीच बैंकों में 33948 करोड़ रुपये बदले गए हैं। इसी बीच देश भर के बैंकों में 8,11,033 करोड़ रुपये जमा हुए हैं। कुल मिलाकर इस दौरान 8,44,982 (8 लाख 44 हजार 982 करोड़ रुपये) का बैंकों में ट्रांजेक्शन हुआ है।

इसके अलावा जनता ने 10 से 27 नवंबर के दौरान 2,16,617 करोड़ रुपये अपने बैंक खातों से निकाले हैं। इसमें बैंक काउंटर और एटीएम दोनों से निकाला गया पैसा शामिल है। इन आंकड़ों में आरबीआई के खुद के, कमर्शियल बैंक, क्षेत्रीय, ग्रामीण बैंक, अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक समेत सभी आंकड़ें शामिल हैं और सभी बैंकों से मिले ट्रांजेक्शन की जानकारी के आधार पर ये खुलासा किया गया है। आरबीआई ने जो आंकड़ें पेश किए हैं वो बहुत बड़े कैश के लेनदेन को दिखा रहे हैं।

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