सोशल ऑडिट ने खोली मनरेगा में झोल की पोल

सोशल ऑडिट ने खोली मनरेगा में झोल की पोलसोशल ऑडिट के बाद मनरेगा में उजागर घोटाले वाले आंकड़ों को  ग्रामीणों को पढ़कर सुनाया गया।

अरविंद्र सिंह परमार (कम्यूनिटी जर्नलिस्ट)

क्योलारी (ललितपुर)। मनरेगा की नींव ही इस बात पर रखी गई थी कि इसमें ग्रामीणों को रोजगार मिलेगा वह भी पूरी पारदर्शिता के साथ। मगर हकीकत कुछ और ही है। अब मनरेगा की फाइलों में सुला दिए गए घोटाले वाले आंकड़ों को सोशल ऑडिट के जरिए उजागर किया जा रहा है। हर फाइल में घोटाले की एक नई कहानी सामने आ रही है जो पिछली फाइल को कमतर बता रही है। ये ऑडिट सोशल ऑडिट निदेशालय के निर्देश पर किया जा रहा है।

किया काम आधा, दिखाया पूरा

ललितपुर जनपद से 48 किमी महरौनी ब्लॉक की क्योलारी पंचायत में बीते वित्तीय वर्ष में 20.85 लाख रुपए के 17 कार्य कराये गये थे। इसमें से आठ कार्य पूरे हुए। सोशल ऑडिट में पाया गया कि रंजोरा तनय हल्का के मनरेगा कूप की खोदाई हो चुकी है। कागजात जांचने पर पाया गया कि इसमें 98 हजार की चनखारी का भुगतान पंजीकृत फर्म को कर दिया गया है लेकिन मौके पर चनखारी नहीं आयी। इस बाबत दयाली (42 वर्ष) बताते हैं, "मनरेगा कूप पंचायत ने स्वीकृत किया है कि खोदाई पूरी हो गयी है। मजदूरी पर 2.49 लाख रुपया का खर्च हुआ था। बरसात आने वाली थी। कुआं धंसकने का डर था। प्रधान से कहा गया था लेकिन काम नहीं लगाया गया। हमने अपने रुपयों से काम करवा लिया।" वे आगे बताते हैं कि क्योलारी बांध का मुआवजा मिला था उन्हीं रुपयों से कुंआ बधाई का काम करवाया गया था।

बिना भुगतान किए दिखाया

ललितपुर जनपद से पूरब दिशा में 56 किमी महरौनी ब्लॉक की छापछौल ग्राम पंचायत में सोशल ऑडिट के दौरान मलखान (35 वर्ष) ने लिखित में बताया, "मेरे पिता ने मर्दना तनय गल्लीया मनरेगा कूप पर जेसीबी मशीन से 12 फीट गहरा कुंआ खोदा गया था, जो प्रधान ने खुदवाया था। इसके बाद मजदूरों से काम करवाया गया था। कुएं का पानी निकालने के लिए डीजल पम्प लगाया गया था लेकिन भुगतान नहीं किया गया।" सोशल ऑडिट में पत्रावली के निरीक्षण में डीजल पम्प के नाम पर बिल संख्या 122 दिनांक 2/9/2015 को 7,000 का फर्जी भुगतान दिखाया। मनरेगा नियमों के अनुसार, "मशीनों से काम कराना प्रतिबंधित है।" इसके बाद भी प्रधान नियमों की परवाह किये बिना मशीनों से काम करवाने से नहीं हिचकते।

खाली कागजों में दिखा दी हरियाली

ग्राम पंचायत क्योलारी में गौरा बाई पत्नी हरि सिंह के खेत पर मनरेगा वृक्षारोपण हुआ, जिसमें 500 पौधे लगाये गये। सोशल ऑडिट टीम के सदस्य मनोहर (उम्र 32 वर्ष) बताते हैं, "पौधरोपण को मौके पर देखा वहां पर 40 से 50 पौधे दिख रहे थे शेष खाली मैदान नजर आया।" वे आगे बताते हैं, "टीम के सदस्य सभी कार्यों को देखते हैं व कार्यों का दस्तावेजों से मिलान कराते हैं। मीटिंग के दौरान सभी कार्यों व दस्तावेजों को गाँव वालों के सामने पड़कर सुनाया जाता है।" जब इस बारे में प्रधान प्रतिनिधि लाखन सिंह से पूछा गया तो उन्होंने कुछ भी बताने में असर्मथता जाहिर करते हुए कहा, "यह हमारे समय का काम नहीं है। इस बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है।"

ग्रामीणों को पढ़कर सुनाई अफसर और प्रधानों की कारस्तानी

इस बारे में सोशल ऑडिट ब्लॉक कोऑर्डिनेटर देवेंद्र सिंह बताते हैं, "उपरोक्त प्रकरण सोशल ऑडिट में सामने आए हैं, जिनको ग्रामीणों के सामने पढ़कर सुनाया गया है। इसमें गंभीर मामले निकलकर सामने आये हैं, जिसको ड्राफ्ट प्रतिवेदन व कार्रवाई में अंकित कर लिया है, जिसकी रिपोर्ट प्रशासन व निदेशालय तक भेजी जायेगी।"

“This article has been made possible because of financial support from Independent and Public-Spirited Media Foundation (www.ipsmf.org). “


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