थाने में पड़े जब्त वाहनों की नीलामी

थाने में पड़े जब्त वाहनों की नीलामीगाँव कनेक्शन

लखनऊ। थानों में खड़े-खड़े कबाड़ हो रहे जब्त वाहनों और दूसरे सामानों की नीलामी और निस्तारण की प्रक्रिया तेजी से जारी है। पिछले दो हफ्तों में 9446 वाहनों और मोबाइल समेत दूसरे वाहनों की नीलामी की गई है। सबसे ज्यादा 120 वाहनों की नीलामी मेरठ जिले में हुई है।

लूट और चोरी समेत दूसरे मामलों में जब्त वाहनों की संख्या प्रदेश के थानों में लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे वाहन थानों में पड़े पड़े जगह तो घेरते ही हैं साथ ही पुलिस के लिए उनकी सुरक्षा भी किसी सिरदर्द से कम नहीं होती। ऐसे में पुलिस महानिदेशक अभियोजन डॉ. सूर्य कुमार के निर्देश पर एक फरवरी 2016 को ऐसे सामानों और वाहनों के निस्तारण के लिए एक अभियान शुरू किया था। एक फरवरी 2016 से चल रहे इस अभियान के तहत 9 अप्रैल तक 13281 वाहनों का निस्तारण किया गया है।

डॉ. सूर्य कुमार ने बताया, ‘’कोशिश की गई है कि सबसे पहले वाहन स्वामियों को पता लगाकर वाहन उनके सुपुर्द किए जाए, जबकि लावारिस वाहनों की नीलामी कराई गई है। 28 मार्च 2016 से लेकर 9 अप्रैल 2016 तक प्रदेश के थानों और मालखानों में पड़े 9446 सामान और वाहनों का निस्तारण किया गया है।’’

थानों पर पड़े वाहनों में से प्रदेश में सबसे अधिक वाहनों का निस्तारण कराने वाले जनपद में मेरठ में 120, बिजनौर में 93, एटा में 92, सम्भल में 86 व गोरखपुर में 85 रहे। मालखानों के सर्वाधिक सामानों और वाहनों का निस्तारण कराने में मेरठ मण्डल 1907 की संख्या के साथ ही प्रथम स्थान पर, दूसरे स्थान पर बरेली 888, तथा तीसरे स्थान पर आगरा-881 माल निस्तारित करा पाये। इसमें 1832 वाहन शामिल हैं। 

वाहनों और सामान का निस्तारण होने से थानों में साफ-सफाई की समस्या तो खत्म हुई ही है साथ ही लाखों रुपये का राजस्व भी मिला है। 

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