तहसील दिवस पर 81 शिकायतें, पांच का निवारण

Swati ShuklaSwati Shukla   7 Jan 2016 5:30 AM GMT

तहसील दिवस पर 81 शिकायतें, पांच का निवारणगाँव कनेक्शन

लखनऊ। तहसील सरोजनीनगर मे जिलाधिकारी राजशेखर की अध्यक्षता मे तहसील दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान सबसे ज़्यादा ज़मीन व समाज कल्याण विभाग की समस्या सामने आईं। तहसील दिवस पर कुल 81 शिकायतें आईं जिसमें से पांच शिकायतों का निवारण किया गया।

सरोजनी नगर ब्लॉक के किशनपुर कौड़िया की रहने वाली नन्हा देवी (66 वर्ष) तहसील दिवस पर अपनी समस्या बताते हुए कहती हैं, ''पांच बिघा ज़मीन है उसी से घर की रोटी चलती है, मैने अपने बेटे को खो दिया उसके परिवार की भी ज़िम्मेदारी मेरे ऊपर है,  पोतो की पढ़ाई का खर्च भी मेरे ऊपर है।’’ वो आगे बताती हैं, ‘‘उसके बाद अधिकारियों ने और समस्या खड़ी कर दी। मेरे खेत पर लेखपाल ने खसरा संख्या गलत लिख दिया जिससे मेरा खेत बंजर भूमि में चाला गया, जब सही कराने की बात कही तो लेखपाल ने एक लाख 70 हजार रुपए मांग की। हम गरीब लोग इतना पैसा नहीं दे सकते हमारी गलती नहीं पर खेत हमारा चला गया।''

इसपर एसडीएम आरएनयादव ने नन्हा देवी को अस्वासन देते हुए कहा, ‘‘इस मामले की मौके पर जाकर जांच की जाएगी और अगर लेखपाल दोषी पाया जायेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाही की जाएगी।’’

तहसील दिवस में अब पन्द्रह दिनों मे समस्या का निवारण किया जाएगा। स्वास्थ्य से जुड़ी समस्स्याओं को इस बार प्रमुखता दी जाएगी। अब स्वास्थ्य से जुड़े मामले भी तहसील दिवस में दर्ज किए जाएगे।

ज़िलाधिकारी राजशेखर ने आंगनबाड़ी, ग्राम पंचायत व सड़को की मरम्मत तुरन्त कराने के निर्देश दिये। 

वहीं अधिकारीयों ने बताया कि बजट की समस्या आने पर काम रूक जाते हैं, तो किसी ने बताया की कुछ गाँवों में कुपोषण गम्भीर समस्या बना है।

ज़िलाधिकारी राजशेखर बताते है, ''यहां पर ज़मीन और समाज कल्याण विभाग से जुड़ी समस्याएं आई है। पूरे तहसील दिवस की गतिविधियों को देखते हुए कुछ परिवर्तन किए जाएगे। गुणवक्ता और पारदर्शिता लाने के लिए लेखपालों को नये निर्देश जारी किए जाएंगे।’’ उन्होंने आगे बताया, ‘‘31 जनवरी तक जितने भी अविवादित विरासत से प्रकरण जो लम्बित पड़े हैं, जो विवादित नहीं हैं उन जगहों पर लेखपाल अपने क्षेत्र के गाँव जाकर सर्वे करें और विरासत दर्ज कर खतौनी की एक कॉपी परिवार को दे।’’

वो आगे बताते हैं, ''तहसील दिवस पर जो शिकायत आ रही हो वो एक फॉमेट में होनी चाहिए, जिसमें प्रार्थी का नाम वा फोन नम्बर दर्ज होना आवश्यक होगा, उसमे यह भी लिखा होना चाहिए की किसने जाँच की और कौन कब मौके पर गया तथा शिकायत का निस्तांरण हुआ इसका पूरा विवरण देगा। साथ ही जब तक समस्या से सम्बन्धित अधिकारी प्रार्थी से बात कर पता करेगा की समस्या का निस्तांरण हुआ की नहीं।’’

कुछ महिलाओं ने अपने परिवार की समस्या बताई तो किसानों ने पट्टे , कुछ विवधवा पेंशन तो कुछ आवास की समस्या लेकर आए। प्रधानों ने अपनी समस्या को भी सामने रखा। 

उप जिलाधिकारी आरएन यादव ने कहा, ''तहसील में जो समस्या, जिस विभाग से सम्बन्धित हो उनको उस विभाग को भेज दिया गया है। साथ ही यह प्रयास किया जा रहा है कि जल्द से जल्द समस्या का निवारण करें जिससे दुबारा प्रार्थी को शिकायत न करनी पड़े।’’

मुख्य विकास अधिकारी उमेश मिश्रा ने आदेश दिया कि व्यय सम्बन्धित जितने भी मुद्दे हैं उन सब की डिजिटल डायरी तैयार कर विभाग को जमा करें।’’ इस कार्य के लिए तीन दिन का समय अधिकारी को दिया गया।

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