तीन महीने भी ना चल पाया महिला अस्पताल

तीन महीने भी ना चल पाया महिला अस्पतालगाँव कनेक्शन

सुलतानपुर। गाँवों में महिलाओं को बेहतर इलाज मिल सके, इसके लिए सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में महिला अस्पताल खुलवाती है। लेकिन सुलतानपुर जिले में एक महिला अस्पताल एैसा भी है, जिसमें स्वास्थ्य विभाग द्वारा हैडओबर मिलने के तीन माह में ही ताले लटक गया है।

सुलतानपुर जिला मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर विकासक्षेत्र बल्दीराय के महिला चिकित्सालय, जिसको तत्कालीन सांसद मोहम्मद ताहिर खां , मुख्य चिकित्साधिकारी डाक्टर जी पी कुशवाहा, मुख्य विकास अधिकारी ईष्टदेव प्रसाद राय व जिला अधिकारी संजय कुमार ने वर्ष 2007 में उद्घाटन किया था, जो महज़ तीन माह के बाद ही बन्द हो गया।अस्पताल किस कारण बन्द हुआ, इसका ठोस जवाब विभाग के पास आज तक नहीं है। 

अस्पताल के नज़दीक गोबिंदपुर गाँव के निवासी देवनरायन यादव (50 वर्ष) बताते हैं,''जब अस्पताल खुला था,तो हम लोगों को बड़ी खुशी थी। लेकिन अब महिलाओं को कोई भी परेशानी होने पर हमको सीधे 12 किमी. जिला अस्पताल ले कर जाना पड़ रहा है। कई बार हम लोगों ने इसकी शिकायत जिलाअधिकारी से की लेकिन आज तक कुछ भी नहीं हुआ है।''

महिलाओं के लिए क्षेत्र में इस अस्पताल को छोड़ कर बाकी अस्पताल लगभग 12 से 14 किलोमीटर की दूरी पर है। विभाग की लापरवाही की वजह से एक स्वस्थ अस्पताल को बीमार बना दिया गया है, इसका जिम्मेदार कौन है, इसका जबाव अभी किसी के पास नहीं हैं।

अस्पताल के अचानक बंद हो जाने का कारण बताते हुए जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाक्टर के.बी सिंह बताते हैं, ''अभी महिला चिकित्सकों की कमी के चलते वहां कोई भी महिला डॉक्टर नहीं है। लेकिन अन्य स्टाफ  बगल के पुराने अस्पताल में काम करता है। अभी महिला अस्पताल में कुछ फर्नीचर और रंगाई पुताई का काम बचा हुआ है। यह सब निपटाकर जल्द ही अस्पताल शुरू करवाया जाएगा।''

बल्दीराय कस्बा के निवासी रंजीत सिंह अस्पताल की तरफ इशारा करते हुए बताते हैं, ''यह अस्पताल सिर्फ कहने के लिए ही कुछ दिन चला, बाद में धीरे धीरे कब इसमें ताला लग गया कोई जान ही नहीं पाया। अस्पताल बंद होने की वजह से यहां की महिलाएं प्राइवेट में मजबूरन महंगा इलाज करा रही हैं।''

रिपोर्टर - केडी शुक्ला

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