तस्करी के लिए लाई गई 15 करोड़ की चंदन की लकड़ी बरामद

तस्करी के लिए लाई गई 15 करोड़ की चंदन की लकड़ी बरामदगाँव कनेक्शन

मेरठ। ज़िले के देहात थाना क्षेत्र खरखौदा पुलिस ने पंद्रह करोड़ की चंदन की तस्करी के द्वारा लायी गई लकड़ी को मुखबिर की सूचना पर कब्जे में लिया है। वहीं थानाध्यक्ष  ने कार्यवाही करते हुए करोड़ों रूप की लकड़ी को कब्जे में ले लिया है।
खरखौदा थानाध्यक्ष पीयूश दीक्षित ने बताया कि उन्हें काफी दिनों से कस्बे में एक गोदाम में चंदन की लकड़ी की तस्करी की सूचना मिल रही थी। जिस पर उन्होनें लकड़ी की जानकारी जुटाने के लिए काफी प्रयास किया। सोमवार को देर रात उन्हें सूचना मिली कि कस्बे में थानें के पीछे मुहिउद्दीनपुर मार्ग पर स्थित कस्बा निवासी फत्तन सिंह मार्केट में पिछले कई वर्षों से एक गोदाम में चंदन की लकड़ी का अवैध रूप से बड़े पैमाने पर कारोबार चल रहा है, जिस पर उन्होनें देर रात के समय लकड़ी के उक्त गोदाम पर मुखबिर की सूचना पर छापा मारते हुए कार्यवाही की।

वहीं थानाध्यक्ष ने चंदन की लकड़ी की तस्करी के मामले में अपने उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए बताया कि पिछले करीब छह वर्षों से कस्बा स्थित एक गोदाम में चंदन की लकड़ी तस्करी कर लाई जा रही है। जिस पर थानाध्यक्ष ने उच्चाधिकारियों से वार्ता करते हुए बताया कि उक्त गोदाम में रखी हुई लाल रंग की चंदन की लकड़ी बेशुमार रखी हुई है।

वहीं गोदाम की देखरेख करने वाले चैकीदार कस्बा निवासी अजय कुमार गुप्ता ने बताया कि गत करीब छह वर्ष पहले उसके पास दिल्ली के पीतमपुरा क्षेत्र के तरूण इंक्लेव निवासी सुचित सिंघल ने उससे संपर्क करके लकड़ी के लिए गोदाम लेने की बात कही थी। जिस पर उसने उसे लकड़ी रखने के लिए कस्बा स्थित फत्तन त्यागी मार्केट में एक गोदाम दिला दिया।

उसके बाद सुचित सिंघल ने अजय कुमार गुप्ता को गोदाम पर लकड़ी की देखरेख के लिए चैकीदार नियुक्त कर दिया। उसके बाद से अजय कुमार गोदाम की देखरेख करने लगा। जिसका उसे करीब बारह हजार रूपये प्रतिमाह का वेतन भी दिया जाता था। परंतु पिछले करीब चार माह से सुचित सिंघल उससे संपर्क नही कर पाया। और न ही उसे पिछले चार माह का वेतन दिया। उसे यह भी पता नही है कि गोदाम में चंदन की लकडी तस्करी कर लाई गई है। जिस पर गोदाम में चंदन के लाल रंग की करबी पंद्रह करोड़ की रूपये की लकड़ी मिली।

वन विभाग के इंस्पेक्टर ने लकड़ी के भार का अंदाजा करीब डेढ सौं कुतल बताया है, जिसकी कीमत करीब दस करोड आंकी गई है।

थानाध्यक्ष पीयूश दीक्षित का कहना है कि लकड़ी का भार होने के बाद ही सही कीमत की जानकारी के बारे में पता चल पायेगा।

रिपोर्टर - सुनील तनेजा 

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